गर्मी से पहले एक्शन मोड में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, बोले-बिजली आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने गुरुवार को सर्किट हाउस में विद्युत विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर आगामी गर्मी के मौसम को लेकर तैयारियों का गहन आकलन किया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने गुरुवार को सर्किट हाउस में विद्युत विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर आगामी गर्मी के मौसम को लेकर तैयारियों का गहन आकलन किया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, क्षमता वृद्धि, अनुरक्षण कार्यों, ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता और फॉल्ट रेस्पॉन्स सिस्टम की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बड़े स्तर पर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी उपकेंद्रों पर जरूरी उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और आपात स्थितियों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।

ऊर्जा मंत्री ने अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जर्जर तारों को बदलने, ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान करने और एक महीने के भीतर बांस-बल्ली के स्थान पर सुरक्षित एवं स्थायी ढांचे विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाएगा, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना को भी कम करेगा।

मंत्री ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विद्युत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती नहीं होनी चाहिए। अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान ट्रिपिंग की समस्या को भी गंभीरता से उठाया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी लेते हुए इसे न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से प्रमुख स्थलों-रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, संकट मोचन मंदिर और ताज होटल-की विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी और इन स्थानों पर 24×7 निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बिजली व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ रखा जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा पूर्वांचल के सभी जिलों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता, जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में शंभू कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।