'पहले कसाई को देखकर गाय कांपती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि गाय को देखकर कसाई कांपता है' - वाराणसी में मंत्री धर्मपाल सिंह का बड़ा बयान

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौ-संरक्षण को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए बड़ा बयान दिया है। वाराणसी मंडल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में हालात पूरी तरह बदल गए हैं और अब “कसाई गाय को देखकर कांपता है।”
 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौ-संरक्षण को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए बड़ा बयान दिया है। वाराणसी मंडल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में हालात पूरी तरह बदल गए हैं और अब “कसाई गाय को देखकर कांपता है।”

2017 के बाद बदले हालात: मंत्री
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार ने गौ-हत्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में गौ-हत्या की घटनाएं आम थीं, लेकिन अब सख्त कानून और कार्रवाई के चलते स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने अपने बयान में कहा, “पहले कसाई को देखकर गाय कांपती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि गाय को देखकर कसाई कांपता है।”

विपक्ष पर तीखा हमला
बैठक के दौरान मंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गौ-हत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर कई नेता और तथाकथित धार्मिक गुरु चुप्पी साधे रहते थे।

हालिया राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अखिलेश यादव और अजय राय पर भी कटाक्ष किया और उनके रुख को लेकर सवाल उठाए।

“गौ, गंगा, गीता हमारी पहचान”
धर्मपाल सिंह ने कहा कि गौ, गंगा, गीता और भारत माता देश की आस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
वाराणसी मंडल की समीक्षा बैठक में पशुपालन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौ-वंश की सुरक्षा और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने दोहराया कि “गौ माता हमारी आस्था का केंद्र हैं और उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।”