शारदीय नवरात्र में काशी विश्वनाथ धाम में सुर, लय और ताल की त्रिवेणी, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला श्रद्धा और उल्लास के साथ जारी है। इसी क्रम में धाम स्थित मंदिर चौक (शंकराचार्य चौक) में आयोजित सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय गायन, भजन और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। संगीत और कला के माध्यम से मां भगवती की महिमा का गुणगान हुआ तो पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
 

मंदिर चौक में सजी सांस्कृतिक संध्या, कलाकारों ने गायन और नृत्य से मां भगवती की महिमा का किया बखान

डॉ. शिवानी शुक्ला के शास्त्रीय गायन, पंडित गौरव मिश्र के भजनों और डॉ. दिव्या श्रीवास्तव के नृत्य समूह की प्रस्तुति ने किया मंत्रमुग्ध

वाराणसी। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला श्रद्धा और उल्लास के साथ जारी है। इसी क्रम में धाम स्थित मंदिर चौक (शंकराचार्य चौक) में आयोजित सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय गायन, भजन और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। संगीत और कला के माध्यम से मां भगवती की महिमा का गुणगान हुआ तो पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत, भक्ति संगीत और नृत्य परंपरा की विविध रंगत प्रस्तुत की। प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ते नजर आए। सांस्कृतिक संध्या ने नवरात्र के धार्मिक उल्लास को कला और संगीत के साथ जोड़ते हुए धाम के वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।

शास्त्रीय गायन ने मोहा मन
सांस्कृतिक संध्या में डॉ. शिवानी शुक्ला ने अपने सुमधुर गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय संगीत की भावपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली। सुरों की मधुरता ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संगीत की आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ा। वहीं, पंडित गौरव मिश्र ने भजनों की प्रस्तुति से भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। उनके भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए।

नृत्य के जरिए साकार हुई मां भगवती की महिमा
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण डॉ. दिव्या श्रीवास्तव एवं उनके महिषासुरमर्दिनी डांस ग्रुप की नृत्य प्रस्तुति रही। कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से मां भगवती की शक्ति, महिमा और आराधना का कलात्मक चित्रण किया। नृत्य की मुद्राओं और भावाभिव्यक्ति के जरिए देवी के शक्ति स्वरूप को प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भारतीय नृत्य परंपरा और देवी उपासना के सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया।

धर्म और संस्कृति का संगम बना धाम
श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्र के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय कला, संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं को एक साझा मंच प्रदान कर रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनुभव भी मिल रहा है। गायन, भजन और नृत्य की प्रस्तुतियों से सजी इस सांस्कृतिक संध्या ने काशी की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक समृद्धि को रेखांकित किया।