वाराणसी में 15 चिह्नित स्थलों पर ही होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, महापौर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, पुख्ता इंतजाम के दिए निर्देश

मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा की निर्मलता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी नदी में प्रतिमा विसर्जन नहीं किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर के आठ जोनों में 15 निर्धारित स्थलों को चिह्नित किया है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने भेलूपुर जलकल परिसर, संकुलधारा पोखरा और नगवां क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
 

वाराणसी। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा की निर्मलता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी नदी में प्रतिमा विसर्जन नहीं किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर के आठ जोनों में 15 निर्धारित स्थलों को चिह्नित किया है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने भेलूपुर जलकल परिसर, संकुलधारा पोखरा और नगवां क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।

महापौर ने भेलूपुर स्थित जलकल परिसर में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था देखने के साथ परिसर के अंदर विकसित किए जा रहे पार्क का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने संकुलधारा पोखरा के पास चल रहे सुंदरीकरण कार्यों और विसर्जन के लिए बनाए गए कृत्रिम तालाब का जायजा लिया। अस्सी स्थित कुरुक्षेत्र पोखरे की व्यवस्थाएं भी देखीं। नगवां में जल निगम की ओर से कराए जा रहे सीवर लाइन कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विसर्जन से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे कर लिए जाएं। सभी स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि रात में प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। विसर्जन मार्ग से लेकर कुंडों और तालाबों के किनारे तक बैरिकेडिंग कराने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और नियमित साफ-सफाई के भी निर्देश दिए। परिसरों में सैनिटाइजेशन तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। प्रत्येक निर्धारित स्थल पर नगर निगम की विशेष टीमें तैनात रहेंगी।

मवैया पोखरे के विकल्प के रूप में तीन स्थल
मवैया पोखरे पर प्रतिमा विसर्जन पर रोक के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन वैकल्पिक स्थलों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। रंगील दास पोखरा के अंतर्गत सलारपुर, संदहा, दीनापुर और लेधुपुर वार्ड के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था होगी। सोयेपुर पोखरा पर रमदत्तपुर, रमरेपुर, सारनाथ, पांडेयपुर, खजूरी और हुकुलगंज वार्ड के लोग प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे। वहीं, सारंगनाथ तालाब पर पहाड़िया, नई बस्ती, दानियालपुर और अकथा वार्ड के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था रहेगी।

इन 15 स्थलों पर होगा विसर्जन
भेलूपुर जोन में जलकल परिसर, विश्वसुंदरी पुल के नीचे और कुरुक्षेत्र पोखरा; दशाश्वमेध में लक्ष्मीकुंड; सारनाथ में रंगील दास पोखरा, सोयेपुर पोखरा और सारंग तालाब; ऋषिमांडवी में रेवागीरी पोखरी; वरुणापार में खड़गपुर और शिवपुर; आदमपुर में मछोदरी; रामनगर में बलुआ घाट तथा कोतवाली जोन में मंदागिनी कुंड और ईश्वरगंगी को विसर्जन स्थल बनाया गया है। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक (जलकल) अनूप सिंह, जलकल सचिव सुधीर वर्मा, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।