सिपाहियों की तत्परता से केदार घाट पर गंगा में डूब रहे दो युवकों की बची जान, काशी भ्रमण पर आए हैं बरेली निवासी सैलानी
वाराणसी। काशी के केदार घाट पर गंगा नदी में डूब रहे बरेली के दो युवकों के लिए पुलिस के दो आरक्षी देवदूत बनकर सामने आए। ड्यूटी पर तैनात आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए युवकों की जान बचाई। इस दौरान आरक्षी अरशद खान ने भी महत्वपूर्ण सहयोग किया। दोनों पुलिसकर्मियों की तत्परता से संकट में फंसे युवकों की जान बच गई। उनके इस साहसिक कार्य की सराहना हो रही है।
केदार घाट पर पीसी संजय कुमार पटेल के हमराह ड्यूटी में आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया और आरक्षी अरशद खान की तैनाती थी। ड्यूटी के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों की नजर गंगा में डूब रहे दो युवकों पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया ने बिना देर किए उन्हें बचाने की पहल की। आरक्षी अरशद खान ने भी उनका साथ दिया। दोनों ने मिलकर युवकों को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका निभाई।
बरेली के रहने वाले हैं दोनों युवक
गंगा में डूबने से बचाए गए युवकों की पहचान अंशुल गुप्ता (29) और ओम शर्मा (30) के रूप में हुई है। दोनों बरेली जिले के करगैना के निवासी बताए गए हैं। घाट पर अचानक हुए इस घटनाक्रम के दौरान दोनों युवकों की जान खतरे में पड़ गई थी। ऐसे मुश्किल समय में पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तत्काल सहायता पहुंचाई।
साहस और संवेदनशीलता की पेश की मिसाल
काशी के गंगा घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और तत्परता लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। केदार घाट पर हुई घटना ने एक बार फिर साबित किया कि संकट के समय पुलिसकर्मियों की सक्रियता किसी की जिंदगी बचा सकती है।
आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया और अरशद खान ने अपने कार्य से यह संदेश दिया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना भी उसके कर्तव्यों का अहम हिस्सा है। दोनों आरक्षियों के साहसिक प्रयास को कर्तव्यनिष्ठा, जनसेवा और मानवता की प्रेरणादायक मिसाल माना जा रहा है।