गर्मी से पहले दुरूस्त हो पेयजल व्यवस्था, राज्यमंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश, केंद्र सरकार से मिले हैं 1200 करोड़
वाराणसी। प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मियों में आमजन को पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए और हर परिवार तक सुचारु रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। शनिवार को सर्किट हाउस वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों के साथ पेयजल आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से प्राप्त 1200 करोड़ रुपये की धनराशि से प्रस्तावित पेयजल सुधार कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरवासियों को बेहतर और सुचारु पेयजल सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि शहर में कहीं भी पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न रहे। इसके लिए विभागीय अधिकारी सर्वे कराकर स्थिति की जांच करें और जहां कहीं पाइपलाइन टूटी या खराब पाई जाए, उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। साथ ही उन्होंने सभी हैंडपंपों को शत-प्रतिशत चालू हालत में रखने पर जोर देते हुए कहा कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
रविंद्र जायसवाल ने यह भी निर्देश दिया कि पानी की टंकियों से होने वाली आपूर्ति की व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए, ताकि गर्मी के दिनों में किसी भी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत न हो। उन्होंने क्षेत्रवार पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जलकल, जल निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ ही पार्षद रोहित मिश्रा, अशोक मौर्य, संजय जायसवाल, राजेश यादव, मदन मोहन दुबे, संदीप रघुवंशी, कुसुम पटेल, सुशील गुप्ता, सिद्धनाथ शर्मा, बलिराम कन्नौजिया, अभय पाण्डेय, राजेंद्र मौर्य, जितेंद्र कुशवाहा और रिंकू मौर्य, पूर्व पार्षद दिनेश यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह, रतन कुमार मौर्य और विशाल गांधी मौजूद रहे।