फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, 30 जुलाई तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी बनाने के कार्य में अपेक्षित गति नहीं होने पर नाराजगी जताई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाकर 30 जुलाई तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
 

वाराणसी। ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी बनाने के कार्य में अपेक्षित गति नहीं होने पर नाराजगी जताई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाकर 30 जुलाई तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार तथा सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन किसानों का पंजीकरण अभी तक नहीं हो सका है, उनकी सूची तत्काल संबंधित खंड विकास अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पंचायत सहायकों के माध्यम से अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी समयबद्ध ढंग से तैयार की जा सके।

उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि पंचायत सहायकों को वेतन जारी करने से पहले उनके द्वारा किए गए कार्यों का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में 'जीरो पॉवर्टी' अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीबी सूची में शामिल पात्र परिवारों का नियमानुसार मुख्यमंत्री आवास योजना में शीघ्र पंजीकरण कराया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।