बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, पीएम स्वनिधि व सूर्यघर आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लंबित आवेदनों का सत्यापन कर प्राथमिकता के आधार पर ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निस्तारण कराने को कहा।
 

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लंबित आवेदनों का सत्यापन कर प्राथमिकता के आधार पर ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निस्तारण कराने को कहा।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समिति (DLCC/DLRC) की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड तथा विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो), किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

अग्रणी जिला प्रबंधक अविनाश अग्रवाल ने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 तक जिले का सीडी रेश्यो 58.04 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने इसे 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने बताया कि वार्षिक ऋण योजना 2025-26 में दिसंबर तक 108 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली गई है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 107 प्रतिशत, जबकि एक जनपद एक उत्पाद योजना में 146 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 135 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई है, जो जिले के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनका ऋण वितरण जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए गांव-गांव कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही एलडीएम और जिला कृषि अधिकारी से ग्रामवार केसीसी आंकड़ों की जानकारी भी तलब की।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उन किसानों को प्राथमिकता से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा, जिनका प्रीमियम कट चुका है लेकिन उन्हें अब तक बीमा लाभ नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रत्येक गांव में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।


बैठक में बैंकिंग और वित्तीय समावेशन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर विभिन्न बैंक अधिकारियों व विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।