डीएम ने बीएचयू में निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया निरीक्षण, कार्य में तेजी के दिए निर्देश
दिसंबर तक पूरा हो छात्रावास का काम, शिफ्टवार श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर युद्धस्तर पर काम कराने के निर्देश
निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर, 1200 सीटों वाले बालिका छात्रावास की भौतिक प्रगति 76 फीसदी, ठेकेदार के खराब प्रदर्शन से हुई देरी
192 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को अगले साल 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर कार्यों की भौतिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बन रहे 192 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सीसीएच), 1200 सीटों वाले बालिका छात्रावास और 628 सीटों वाले अय्यर छात्रावास के निर्माण की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए शिफ्टवार श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए और युद्धस्तर पर काम कराया जाए। उन्होंने निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने पर विशेष जोर दिया।
57.66 करोड़ रुपये से बन रहा अय्यर छात्रावास
बीएचयू में छात्रावास की सुविधा बढ़ाने के लिए 57.66 करोड़ रुपये की लागत से अय्यर छात्रावास के निर्माण और नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के तहत 284 दो-सीटर कमरों का निर्माण और मौजूदा छात्रावास के 62 कमरों का नवीनीकरण होना है। काम पूरा होने के बाद छात्रावास की क्षमता 272 से बढ़कर 628 विद्यार्थियों की हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को आवास की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
कार्यदायी संस्था के अभियंताओं ने बताया कि पेड़ों के प्रत्यारोपण, सोलर पैनलों को स्थानांतरित करने और वार्डन के आवास को दूसरी जगह शिफ्ट करने के कारण शुरुआती दौर में काम प्रभावित हुआ। नए छात्रावास ब्लॉक को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, मौजूदा ब्लॉक के 62 कमरों का नवीनीकरण हैंडओवर के दो महीने के भीतर पूरा किया जाना है।
बालिका छात्रावास का काम फिर शुरू करने की तैयारी
बीएचयू में 1200 सीटों वाले बालिका छात्रावास की भौतिक प्रगति वर्तमान में 76 फीसदी है। ठेकेदार के खराब प्रदर्शन के कारण सीपीडब्ल्यूडी ने पहले कार्य अनुबंध निरस्त कर दिया था। शेष कार्य के लिए 29 सितंबर को टेंडर प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 17 अक्टूबर तक जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की योजना है।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, एक हॉस्टल ब्लॉक और एक डाइनिंग ब्लॉक को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद दो ब्लॉक 31 मार्च 2027 तक और शेष दो ब्लॉक 30 जून 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में देरी, जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर परिसर में 192 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का निर्माण साइट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के कारण विलंबित है। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि परियोजना को 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद सर्विस की टेस्टिंग और कमीशनिंग में करीब तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय लगेगा।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।