बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचे डीएम, प्रभावित परिवारों से जानी समस्याएं, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
हुकुलगंज व ढेलवरिया के कई राहत शिविरों का किया निरीक्षण, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल के दिए निर्देश
वाराणसी। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को हुकुलगंज और ढेलवरिया क्षेत्र स्थित विभिन्न बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुविधाओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या मंदिर, हुकुलगंज के राहत शिविर में लोगों के बीच बैठकर उनसे व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों में अपनापन और भरोसे का भाव दिखाई दिया। उनके चेहरे पर मुस्कान और संतोष भी नजर आया। उन्होंने लोगों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
डिप्टी कान्वेंट स्कूल, हुकुलगंज स्थित राहत शिविर में डीएम ने मेडिकल टीम के डॉक्टर से बाढ़ प्रभावितों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि शिविर में 24 घंटे मेडिकल टीम की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। बच्चों के साथ वृद्धजनों और गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल करने तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
तुलसी निकेतन, हुकुलगंज और प्राथमिक पाठशाला, ढेलवरिया के राहत शिविरों में जिलाधिकारी ने बच्चों और अन्य प्रभावित लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। नवयुग विद्या मंदिर, ढेलवरिया के राहत केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राहत शिविर में तैयार किए जा रहे भोजन की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने रसोई में पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का जायजा लिया तथा स्वच्छता के साथ भोजन तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को सुबह का नाश्ता और दोनों समय का भोजन निर्धारित समय पर उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के लिए दूध, फल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना है। संबंधित विभागों और अधिकारियों को राहत शिविरों में लगातार सक्रिय रहकर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।