डीएम सत्येंद्र कुमार ने बढ़ाया ‘लखपति दीदियों’ का हौसला, स्वरोजगार इकाइयों का किया निरीक्षण
वाराणसी। जनपद में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को उस समय नई ऊर्जा मिली, जब जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विभिन्न विकासखंडों का भ्रमण कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया गया और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आराजीलाइन में दोना-पत्तल यूनिट का निरीक्षण, सोलर से जोड़ने के निर्देश
भ्रमण की शुरुआत विकासखंड आराजीलाइन के महमदपुर ग्राम पंचायत से हुई, जहां शीतला माता स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित दोना-पत्तल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। यहां लगभग 30 मशीनों के जरिए उत्पादन हो रहा है। समूह की सदस्य सीमा पटेल ने बताया कि उन्होंने ₹3 लाख का समूह ऋण और ₹2 लाख मुद्रा योजना से लेकर यह कार्य शुरू किया।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने यूनिट को सोलर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि बिजली खर्च कम हो और आय में वृद्धि हो सके। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से फर्स्ट एड बॉक्स रखने के भी निर्देश दिए गए।
सेवापुरी में गुड़ निर्माण कार्य की सराहना, शेड निर्माण का निर्देश
इसके बाद टीम सेवापुरी के करधना ग्राम पंचायत पहुंची, जहां मां संतोषी स्वयं सहायता समूह द्वारा गुड़ निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस समूह से जुड़ी 14 महिलाएं प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भूमि आवंटित कर अलग से शेड का निर्माण कराया जाए, ताकि भट्ठी, उत्पादन और पैकेजिंग के कार्य अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से हो सकें। साथ ही प्लांट तक जाने वाली सड़क को पक्का करने के भी निर्देश दिए गए।
चोलापुर में सीएसआर फंड से चल रही यूनिट्स का निरीक्षण
अगले चरण में अधिकारियों ने चोलापुर के सुन्गुलपुर ग्राम पंचायत का दौरा किया, जहां एनसीएल के सीएसआर फंड से दोना-पत्तल और चप्पल निर्माण की यूनिट्स स्थापित की गई हैं। यहां मुसहर समुदाय की महिलाओं द्वारा कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने चप्पल निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि बाजार में उत्पाद की उचित कीमत तय हो सके। साथ ही संबंधित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
‘काशी प्रेरणा’ ब्रांड को मजबूत करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अटल इनक्यूबेशन सेंटर जैसे संस्थानों से समन्वय किया जाए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और ‘काशी प्रेरणा’ ब्रांड की साख मजबूत बनी रहेगी।
महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संदेश
इस पूरे भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।