बीएचयू गेट के पास बह रहा सीवर का गंदा पानी, राहगीरों की लिए बढ़ी परेशानी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने इन दिनों सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। यह समस्या न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यहां से गुजरने वाले हजारों राहगीरों, मरीजों और तीमारदारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जलभराव के साथ तेज दुर्गंध ने पूरे इलाके का माहौल दूषित कर दिया है।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने इन दिनों सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। यह समस्या न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यहां से गुजरने वाले हजारों राहगीरों, मरीजों और तीमारदारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जलभराव के साथ तेज दुर्गंध ने पूरे इलाके का माहौल दूषित कर दिया है।

यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है, जहां दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है। खासतौर पर सर सुंदरलाल चिकित्सालय में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन इसी रास्ते से गुजरते हैं। दूर-दराज के जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को इस गंदगी और बदबू के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी असुविधा हो रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवर लाइन के ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी लगातार सड़क पर फैल रहा है। समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है। बावजूद इसके, संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क पर बहते सीवर के पानी के कारण फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

दुर्गंध इतनी तीव्र है कि आसपास के दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक इस रास्ते से गुजरने से कतराते हैं, जिससे उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। वहीं, राहगीरों को भी नाक ढंककर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा गंदे पानी के कारण मच्छरों और कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि इसी मार्ग से संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकराल हो सकती है। नागरिकों ने प्रशासन और जिम्मेदार विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सीवर व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को रोका जा सके।