बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भगृह में घुसा नाले का गंदा पानी, जलभराव से बिगड़े हालात, श्रद्धालुओं में आक्रोश

दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन बनकटी हनुमान मंदिर में नाले का गंदा और बदबूदार पानी घुसने से श्रद्धालुओं में आक्रोश है। बारिश के बाद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नाले का पानी मंदिर परिसर में भर गया और गर्भगृह तक पहुंच गया। इससे मंदिर परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैल गई। दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
 

दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन मंदिर में बारिश के बाद नाले का पानी ओवरफ्लो होकर पहुंचा परिसर में, जर्जर सड़क और पक्की नाली नहीं होने से बढ़ी परेशानी

बारिश के बाद जलनिकासी व्यवस्था हुई बेपटरी, नालों की नियमित सफाई नहीं होने का आरोप

जर्जर सड़क और पक्की नाली के अभाव से बढ़ी समस्या, श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर पहुंचना पड़ रहा मंदिर

मंदिर प्रबंधन ने नगर आयुक्त को भेजा पत्र, तत्काल सफाई, सैनिटाइजेशन और स्थायी जलनिकासी की मांग

वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन बनकटी हनुमान मंदिर में नाले का गंदा और बदबूदार पानी घुसने से श्रद्धालुओं में आक्रोश है। बारिश के बाद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नाले का पानी मंदिर परिसर में भर गया और गर्भगृह तक पहुंच गया। इससे मंदिर परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैल गई। दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।


मंदिर के प्रधान पुजारी गिरीश कुमार मिश्रा ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में गंदे पानी का प्रवेश धार्मिक स्थल की पवित्रता के साथ श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से भी जुड़ा गंभीर मामला है। नगर निगम को तत्काल मौके का निरीक्षण कर सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।


नालों की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो
प्रधान पुजारी के मुताबिक क्षेत्र के नालों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था चरमरा जाती है। नाले ओवरफ्लो होने पर पानी मंदिर परिसर की ओर बहने लगता है। इस बार गंदा पानी गर्भगृह तक पहुंच गया, जिससे पूजा-पाठ और दर्शन में भी परेशानी हुई।


जर्जर सड़क, पक्की नाली का अभाव
मंदिर के आसपास सड़क की स्थिति भी खराब है। स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सड़क निर्माण और जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। पक्की नाली का अभाव होने से बारिश का पानी और नाले का पानी आसपास जमा होकर मंदिर की ओर पहुंच जाता है।


बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी
जलभराव के दौरान श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में पानी जमा रहने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बढ़ने की आशंका जताई गई है।


तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन की मांग
मंदिर प्रबंधन ने नगर निगम से तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने के साथ परिसर का सैनिटाइजेशन कराने की मांग की है। इसके अलावा नालों की नियमित सफाई, स्थायी जलनिकासी व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण की भी मांग की गई है।