काशी में डिजिटल जनगणना-2026 की शुरुआत, सबसे पहले महापौर ने भरी स्व-गणना
वाराणसी। काशी में देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का बुधवार को औपचारिक शुभारंभ हो गया। अभियान के पहले दिन नगर के प्रथम नागरिक और महापौर Ashok Kumar Tiwari ने सिगरा स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर ‘स्व-गणना’ प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
महापौर ने लोगों से की भागीदारी की अपील
स्व-गणना पूरी करने के बाद महापौर ने कहा कि डिजिटल जनगणना समय की बचत के साथ देश की विकास योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेगी। उन्होंने काशीवासियों से अपील की कि वे भी आगे बढ़कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त संगम लाल और जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक और समाजसेवियों ने भी किया पंजीकरण
डिजिटल जनगणना अभियान में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने भी भागीदारी शुरू कर दी है। कैंट विधानसभा के विधायक Saurabh Srivastava ने शिवाजी नगर स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन माध्यम से स्व-गणना की। वहीं कोतवाली जोन में मकान गणना और नंबरिंग कार्य की शुरुआत समाजसेवी एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. शिव सुंदर गांगुली के आवास से की गई।
21 मई तक ऑनलाइन भर सकेंगे फॉर्म
नगर निगम प्रशासन के अनुसार नागरिक 21 मई तक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी सत्यापन के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसमें 33 सवालों के जवाब देने होंगे, जिसके बाद 11 अंकों की एसई आईडी जारी होगी। बाद में घर-घर आने वाले प्रगणकों को केवल यह आईडी दिखानी होगी, जिससे दोबारा पूरी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी।
दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना
प्रशासन के मुताबिक जनगणना का पहला चरण जून तक चलेगा, जिसमें मकान और आवास संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद वर्ष 2027 में दूसरे चरण में जनसंख्या और जातिगत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी नागरिक से बैंक विवरण या निजी दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे।