मणिकर्णिका गली और गंगा द्वार से सीधे विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 तक पहुंचेंगे श्रद्धालु, सावन में होगी सहूलियत
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्लान को मंजूरी, छह लेन की बैरिकेडिंग और 333 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
वाराणसी। सावन मास में श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इस बार श्रद्धालु मणिकर्णिका गली और गंगा द्वार के रास्ते सीधे मंदिर के गेट नंबर-4 तक पहुंच सकेंगे। इससे दर्शनार्थियों को आने-जाने में आसानी होगी और मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को गंगा द्वार से गेट नंबर 4 तक बिना रोक-टोक आने-जाने के लिए बाईपास मार्ग की सुविधा मिलेगी। इस रास्ते की मदद से श्रद्धालुओ मणिकर्णिका गली से भी मंदिर कॉरिडोर के अहिल्याबाई चौक तक पहुंच सकेंगे। भारत माता मंदिर के पास बने फूड प्लाजा में नाश्ता करने के बाद वे सीधे शंकराचार्य चौक होते हुए मंदिर परिसर से बाहर निकल सकेंगे। इस मार्ग पर मोबाइल लेकर आना-जाना भी प्रतिबंधित नहीं रहेगा।
अब तक दर्शन कर बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं को गंगा द्वार जाने से तो नहीं रोका जाता था, लेकिन वापस शंकराचार्य चौक की जाने के लिए उन्हें लाइन में लगना पड़ता था या मणिकर्णिका गली की ओर से बाहर निकलना पड़ता था। हालांकि, इस बाईपास मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके लिए उन्हें कतार में ही लगना होगा।
सावन से पहले मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए छह लेन की बैरिकेडिंग तैयार की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इस बार पूरे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 333 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। साथ ही मोबाइल कैमरों के माध्यम से भी पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने सावन-2026 के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की है।