धनतेरस से शुरू होगा स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का दर्शन, भक्तों को साल में एक बार ही मिलता है मौका, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी, पुलिस कमिश्नर और डीएम ने परखी सुरक्षा व्यवस्था

मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन धनतेरस से शुरू होंगे। दर्शन की प्रक्रिया 10 नवंबर तक चलेगी। प्रतिदिन सुबह पांच से रात 11.15 बजे तक दर्शन होंगे। भक्तों को साल में एक बार ही मां के स्वर्णमयी स्वरूप से दर्शन होंगे। ऐसे में इस बार भी मां के दर्शन को भक्तों का रेला उमड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल औऱ जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परखी। इस दौरान आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सीसीसीटी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। 
 

स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन को उमड़ेगा श्रद्धालुओं का रेला , 10 नवंबर तक सुबह पांच से रात 11:15 बजे तक होंगे दर्शन

भीड़ नियंत्रण के लिए एकल मार्ग व्यवस्था लागू, महिला पुलिसकर्मियों की सादे कपड़ों में तैनाती, जेबकतरों और अराजक तत्वों पर रहेगी विशेष नजर

वाराणसी। मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन धनतेरस से शुरू होंगे। दर्शन की प्रक्रिया 10 नवंबर तक चलेगी। प्रतिदिन सुबह पांच से रात 11.15 बजे तक दर्शन होंगे। भक्तों को साल में एक बार ही मां के स्वर्णमयी स्वरूप से दर्शन होंगे। ऐसे में इस बार भी मां के दर्शन को भक्तों का रेला उमड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल औऱ जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परखी। इस दौरान आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सीसीसीटी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। 


 
मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। छह से 10 नवंबर तक पांच दिनों के लिए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इस दौरान प्रतिदिन सुबह पांच बजे से रात 11:15 बजे तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने के लिए गुरुवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग और श्रद्धालुओं के आवागमन के रास्तों का जायजा लिया। मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज से भी संवाद कर दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सुझाव प्राप्त किए गए। अधिकारियों ने पुलिस और मंदिर प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस आयुक्त ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ के दबाव और गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा एकल मार्ग व्यवस्था का प्रभावी अनुपालन कराने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

महिला सुरक्षा और जेबकतरों पर विशेष नजर
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी भी निगरानी करेंगी। इंटेलिजेंस यूनिट को संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जेबकतरों, अराजक तत्वों और श्रद्धालुओं को परेशान करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार के निर्देश
पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं से सर और मैडम कहकर संबोधित करने तथा विनम्र व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए हैं। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बच्चों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। व्यापारियों और दुकानदारों से मंदिर के आसपास की गलियों को अतिक्रमण मुक्त रखने, सड़क पर सामान नहीं फैलाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की गई। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी यातायात अनिल कुमार, संबंधित एसीपी, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।