चोलापुर शहीद स्मारक पर 101 फीट ऊंचा तिरंगा लगाने की मांग, 15 सितंबर तक इंतजार, 30 से आंदोलन की चेतावनी

चोलापुर के पांच शहीदों के सम्मान में शहीद स्मारक के निकट 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने की मांग को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने प्रशासन और सरकार को 15 सितंबर तक सकारात्मक निर्णय लेने का समय दिया है। निर्धारित समय तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 30 सितंबर से चोलापुर में बड़े और शांतिपूर्ण जनआंदोलन की चेतावनी दी गई है।
 

वाराणसी। चोलापुर के पांच शहीदों के सम्मान में शहीद स्मारक के निकट 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने की मांग को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने प्रशासन और सरकार को 15 सितंबर तक सकारात्मक निर्णय लेने का समय दिया है। निर्धारित समय तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 30 सितंबर से चोलापुर में बड़े और शांतिपूर्ण जनआंदोलन की चेतावनी दी गई है।

पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह डोभी ने कहा कि चोलापुर के पांच वीर शहीदों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। ऐसे में शहीद स्मारक के निकट 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से शहीदों के सम्मान और स्मारक के विकास से जुड़ी मांगें उठा रहा है।

राजस्व रिपोर्ट पर सवाल
अजीत सिंह डोभी के अनुसार संगठन को मिली जानकारी में राजस्व विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस भूमि पर चोलापुर शहीद स्मारक स्थित है, वह चोलापुर थाने की भूमि है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस भूमि पर 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित नहीं किया जा सकता। संगठन ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मौजूदा स्थान पर तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से इतना ऊंचा ध्वज स्थापित करना संभव नहीं है तो सरकार शहीद स्मारक के आसपास उपयुक्त वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करा सकती है। संगठन का कहना है कि समस्या बताकर मांग को समाप्त करना समाधान नहीं है। शहीदों के सम्मान के लिए प्रशासन और सरकार को रास्ता निकालना चाहिए।

15 सितंबर तक निर्णय का इंतजार
संगठन ने कहा कि वह 15 सितंबर 2026 तक सरकार और जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल तथा स्पष्ट निर्णय का इंतजार करेगा। इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की अगली रणनीति घोषित की जाएगी।

अजीत सिंह डोभी ने कहा कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहता, बल्कि चोलापुर के शहीदों को सम्मान दिलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि यदि 15 सितंबर तक समाधान नहीं हुआ तो 30 सितंबर से चोलापुर की धरती पर शहीदों के सम्मान में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

पांच प्रमुख मांगें
संगठन ने शहीद स्मारक के निकट 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने के अलावा 17 अगस्त के शहीदी दिवस पर पांचों शहीदों को राजकीय सम्मान या सलामी देने की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही चोलापुर में पांचों शहीदों के नाम पर संग्रहालय बनाने, गोला-कटारी से चोलापुर तक करीब चार किलोमीटर मार्ग को ‘शहीद पथ’ घोषित करने और पांचों शहीदों के नाम राजकीय भूमि अभिलेखों में दर्ज कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

संगठन ने कहा कि चोलापुर के शहीदों का सम्मान किसी राजनीतिक या चुनावी मुद्दे का विषय नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। संगठन के अनुसार शहीदों ने देश और तिरंगे के लिए बलिदान दिया था, इसलिए शहीद स्मारक पर तिरंगे को सम्मानपूर्वक स्थापित करना संगठन का संकल्प है।