ईसी सदस्यों से मिले छात्र, बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा उठाया, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग
कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों से मिले छात्र, छात्रावास से निलंबन के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रहित से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर सोमवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारिणी परिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) के सदस्यों से मुलाकात की। छात्रों ने पत्र सौंपकर छात्रसंघ की बहाली, छात्रावास से निलंबन के मामलों की समीक्षा और मुख्य प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न मुद्दों को परिषद की बैठक में उठाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित में आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया।
छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिषद की बैठक में इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली और लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था पुनः स्थापित करने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थागत तरीके से प्रशासन के सामने रखा जा सकता है। इसके लिए छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया गया।
निलंबन के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा पर जोर
छात्रों ने विभिन्न मामलों में विद्यार्थियों को छात्रावास से निलंबित किए जाने की प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि संबंधित छात्रों के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले। साथ ही छात्रावास से संबंधित कार्रवाई में विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्य प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली पर जताई आपत्ति
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि संवाद और सुनवाई की प्रक्रिया को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कार्यकारिणी परिषद से पूरे मामले की समीक्षा कर मुख्य प्रॉक्टर को पद से हटाने अथवा उनके खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह किया।
शिकायतों के निस्तारण के लिए बने व्यवस्था
छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रभावी शिकायत एवं संवाद व्यवस्था स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद से समस्याओं का समय रहते समाधान संभव है। इसके लिए शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण की व्यवस्था जरूरी है।
छात्रों के अधिकार और सम्मान का मुद्दा
छात्र नेता शिवांश सिंह ने कहा कि बीएचयू जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रतिनिधिमंडल में शिवांश सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, शशांक, अमित, आदित्य, अमन सहित अन्य छात्र शामिल रहे।