UGC Act निरस्त करने और आरक्षण में बदलाव की मांग, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का धरना

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा वाराणसी की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को शासन एवं प्रशासन के समक्ष रखेगा।
 

वाराणसी। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा वाराणसी की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को शासन एवं प्रशासन के समक्ष रखेगा।

प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विश्वदीप अवस्थी, जिला अध्यक्ष अजय तिवारी एवं जिला प्रभारी मानस कुमार पांडेय के नेतृत्व में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान शिक्षा, रोजगार और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विषयों की ओर आकर्षित किया जाएगा। मोर्चा ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाए जाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा और रोजगार में समान अवसर मिलना चाहिए और ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें किसी जरूरतमंद नागरिक के साथ भेदभाव न हो।

मोर्चा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से संबंधित वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए UGC Act को समाप्त अथवा निरस्त करने की मांग भी की है। संगठन के अनुसार, उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, समान अवसर, गुणवत्ता और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता है।

इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि वास्तविक पीड़ितों को प्रभावी कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए, साथ ही कानून के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की भी पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित हो।

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने सरकारी नौकरियों एवं उच्च शिक्षा में भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग की है। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से मांगों को शासन एवं सक्षम प्राधिकारी तक तत्काल पहुंचाने और उचित स्तर पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।