धनतेरस पर फूल-मालाओं की बढ़ी डिमांड, महंगाई ने बिगाड़ा बजट, 70 रुपये तक पहुंची 15 रुपये की गेंदे की माला
धनतेरस और दीपावली पर फूलों की मांग बढ़ने से चढ़े दाम, 100 माला खरीदने वाले ग्राहक अब 10-20 से चला रहे काम
मलदहिया फूल मंडी में गेंदे से लेकर गुलाब, कमल और मुरली फूल तक महंगे, पूर्वांचल और बिहार से आने वाले व्यापारियों की खरीदारी भी हुई सीमित
वाराणसी। धनतेरस और दीपावली पर फूल मंडी की रौनक बढ़ गई है। घरों से लेकर दुकानों और मंदिरों तक सजावट की तैयारियां तेज हैं, लेकिन इस बार फूलों की महंगाई ने त्योहार का बजट बिगाड़ दिया है। बारिश की मार और त्योहार पर बढ़ी मांग के चलते फूलों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। शहर की प्रसिद्ध मलदहिया फूल मंडी में कुछ दिन पहले 10 से 15 रुपये में मिलने वाली गेंदे की माला अब 60 से 70 रुपये तक बिक रही है। फूलों के बढ़े दाम का असर खरीदारों के साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। महंगाई के चलते लोग जरूरत के मुताबिक ही फूल खरीद रहे हैं।
मंडी अध्यक्ष देव प्रताप मौर्य के मुताबिक, हाल ही में हुई भारी बारिश से फूलों की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में नमी बढ़ने से फूलों पर दाग आने और उनकी गुणवत्ता खराब होने की समस्या सामने आई है। दूसरी ओर धनतेरस और दीपावली के चलते मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है। गेंदे की छोटी-बड़ी मालाओं के अलावा मुरली फूल, कमल और गुलाब समेत लगभग सभी फूल महंगे हो गए हैं।
100 माला खरीदने वाले अब 10-20 पर सिमटे
पहले एक साथ 100 माला खरीदने वाले ग्राहक अब महंगाई के कारण 10 से 20 माला ही खरीद रहे हैं। गेंदे की माला की कीमत 10-15 रुपये से बढ़कर 60-70 रुपये तक पहुंच गई है। फूलों की बढ़ती कीमतों से छोटे दुकानदारों और फुटकर कारोबारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। बारिश से फसल और फूलों की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण मंडी में आपूर्ति पर भी दबाव है।
पूर्वांचल से बिहार तक के व्यापारी पहुंचते हैं मंडी
मलदहिया फूल मंडी में फूलों की खरीदारी के लिए सोनौली, महाराजगंज, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती और फैजाबाद सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से व्यापारी पहुंचते हैं। बिहार के व्यापारी भी यहां से बड़े पैमाने पर फूलों की खरीदारी करते हैं। हालांकि, बारिश के कारण फसल खराब होने और फूलों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका के बीच व्यापारी भी अब जरूरत के हिसाब से ही माल उठा रहे हैं।
त्योहार की सजावट पर महंगाई की मार
धनतेरस और दीपावली पर घरों के मुख्य द्वार, दुकानों, प्रतिष्ठानों और मंदिरों को गेंदे की मालाओं व अन्य फूलों से सजाने की परंपरा है। ऐसे में फूलों की कीमतों में आई तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहार पर सजावट के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। फूलों की खुशबू और रंगत के बीच महंगाई ने इस बार कारोबारियों से लेकर ग्राहकों तक का बजट प्रभावित कर दिया है।