जलजीवन मिशन की 273 योजनाओं की समयसीमा तय, डीएम ने सितंबर तक श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम तेज करने के निर्देश, एनएच एनओसी मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा 

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सितंबर 2026 तक आवश्यकतानुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया।
 

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सितंबर 2026 तक आवश्यकतानुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया।

समीक्षा के दौरान योजनाओं की प्रगति के आधार पर अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई। जिलाधिकारी ने 90 से 99 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुकी 135 पेयजल योजनाओं को सितंबर-अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं, 75 से 90 प्रतिशत प्रगति वाली 74 योजनाओं को दिसंबर 2026 और 50 से 75 प्रतिशत प्रगति वाली 64 योजनाओं को फरवरी 2027 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य तय किया गया।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो और योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ाने और निर्माण कार्यों की गति तेज करने को कहा। बैठक में तहसील स्तर पर लंबित मामलों और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित एनओसी के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन मामलों की प्रगति पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए, जबकि प्रत्येक माह भौतिक बैठक आयोजित कर स्थिति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पेयजल योजनाओं को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता, परियोजना प्रबंधक एलएंडटी, सहायक अभियंता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।