पेट्रोल पंप के खाते से 35 लाख रुपये की साइबर ठगी, प्राथमिकी दर्ज, जांच में जुटी पुलिस 

शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामलों में जालसाजों ने एक पेट्रोल पंप के बैंक खाते से 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत पर संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
 

वाराणसी। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामलों में जालसाजों ने एक पेट्रोल पंप के बैंक खाते से 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत पर संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पेट्रोल पंप के खाते से उड़ाए 35 लाख रुपये
डिंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप के बैंक खाते से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

सिगरा थाना क्षेत्र के विनय कुंज अपार्टमेंट निवासी पीड़ित नीलिमा सिंह ने पुलिस को बताया कि इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर कार्यरत अकाउंटेंट सचिन मिश्रा ने 6 अक्टूबर को इस्तीफा दिया था। वह एक महीने के नोटिस पीरियड पर काम कर रहा था। 7 अक्टूबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फर्म के खाते का बैलेंस बताने वाला मैसेज आया।

 

उन्होंने बताया कि अकाउंटेंट के खाते में यह नंबर मालिक के नाम से सेव था। उसे लगा कि यह संदेश फर्म के मालिक ने भेजा है। इसी धोखे में आकर अकाउंटेंट ने उसी नंबर के निर्देशानुसार रिश्तेदार के एक अन्य पेट्रोल पंप के मैनेजर से हड़बड़ी में दो लेन-देन कवा दिए। 

उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को जालसाजों ने पेट्रोल पंप के मैनेजर को झांसे में लिया। उन्होंने पार्थसारथी सर्विसेज के बैंक खाते में 35 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। साइबर क्राइम थाना निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।