वाराणसी में 116.86 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा, गैंग सरगना समेत 4 गिरफ्तार, कमीशन का लालच देकर लोगों से फर्जी फर्म बनवाकर करते थे धोखाधड़ी
वाराणसी। साइबर क्राइम टीम व चेतगंज पुलिस ने वाराणसी में 116.86 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए गैंग सरगना समेत 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया। शातिर जालसाज लोगों को कमीशन का लालच देकर फर्जी फर्म बनवाते थे। फर्म के नाम पर खोले गए बैंक खातों के जरिये फ्रॉड की गई धनराशि के स्रोत और प्रवाह को छिपाने का काम करते थे। पुलिस साइबर जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मामले की गहन जांच में जुटी है।
एसीपी साइबर क्राइम विनय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि जालसाज लोगों को कमीशन का लालच देकर फर्जी फर्म बनवाते थे। फिर फर्म के नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। कंपनी के नाम पर खोले गए सेविंग, चालू खातों के बैंक किट और इंटरनेट बैंकिंग की डिटेल के साथ ही खाते से जुड़े हुए मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेते थे। इसका इस्तेमाल इन्वेस्टमेंट फ्रॉड व बेटिंग एप में XePay ऐप के नाम से APK File को अभियुक्तगण द्वारा अपने फोन पर इंस्टॉल कर फ्रॉड करने हेतु लोगों से प्राप्त खाता का डिटेल व इंटरनेट बैंकिंग यूजर नेम और पासवर्ड भी फीड किया जाता था।
उन्होंने बताया कि XePay ऐप के माध्यम से मोबाइल फोन में एसएमएस फारवर्डिंग की सेटिंग ऑन हो जाती है और उक्त ओटीपी का उपयोग करके साइबर अपराधी द्वारा साइबर ठगी से अर्जित धनराशि को बैंक खातों में स्थानांतरित कर घुमाया तथा धनराशि के स्रोत व गंतव्य को छिपाने का काम किया जाता है।एसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नीतीश कुमार पांडेय निवासी बिहार के रोहतास, थाना शिवसागर के डिही, हालपता चितईपुर के करौंदी के आदित्य रेजिडेंशी लेन नंबर-6 विवेकानंदपुर कॉलोनी, कबीर नगर दुर्गाकुंड निवासी दुष्यंत सिंह, महमूरगंज छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा, भेलूपुर शिवाला निवासी मोहम्मद रेहान शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस को सामने घाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की तलाश है।
एसीपी ने बताया कि जांच में 116 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। आरोपितों के पास से 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 19 चेकबुक, 6 पासबुक, 40 डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 4 शापिंग कार्ड, एक ग्रीन रेमिट कार्ड, एक गेमिंग कार्ड, एक वोटर आईडी कार्ड, एक डीएल, दो वाहन आरसी कार्ड, 48 क्यूआर स्कैनर, एक बुलेट और एक कार बरामद की गई। अभियुक्त दुष्यंत सिंह के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर क्राइम सेल के एसआई मनोज कुमार तिवारी, कृष्ण कुमार जायसवाल, आलोक कुमार यादव, महिला उपनिरीक्षक दिव्या भदौरिया और कांस्टेत अंकित गुप्ता के साथ चेतगंज थाने की टीम से प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला, एसआई वैभव शुक्ला, अली अतहर, हेड कांस्टेबल नरेन्द्र तिवारी, अखिलेश भारती और कांस्टेबल रविदत्त शामिल हैं।