सूर्य षष्ठी से पहले ही लोलार्क कुंड पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, संतान की कामना लेकर पहुंचे दंपती, मनोकामना पूरी होने पर बच्चों का मुंडन और हलवा-पूरी चढ़ाने की परंपरा
संतान की कामना लेकर आने वालों के साथ मनोकामना पूरी होने पर दोबारा पहुंच रहे परिवार
बैरिकेडिंग में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे श्रद्धालु, संतान की कामना लेकर बड़ी संख्या में पहुंच रहे दंपती
मनोकामना पूरी होने पर बच्चों का कराया जाता है मुंडन संस्कार, बाबा लोलार्केश्वर को चढ़ाया जाता है हलवा-पूरी का प्रसाद
रिपोर्ट - ओमकारनाथ
वाराणसी। सूर्य षष्ठी के पर्व में अभी एक दिन बाकी हैं, लेकिन अस्सी स्थित प्रसिद्ध लोलार्क कुंड पर मंगलवार से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु बैरिकेडिंग में अपनी जगह सुरक्षित कर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कुंड में स्नान कर बाबा लोलार्केश्वर महादेव का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान महिलाओं और दंपतियों की संख्या भी काफी रही।
संतान की कामना लेकर पहुंच रहे दंपती
लोलार्क कुंड से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण सूर्य षष्ठी पर यहां संतान की कामना लेकर बड़ी संख्या में दंपती पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि कुंड में श्रद्धा के साथ स्नान और बाबा लोलार्केश्वर की पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के चलते पर्व से पहले ही कई दंपती कुंड पहुंचने लगे हैं।
वहीं जिन श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी हो चुकी है, वे भी अपने बच्चों के साथ दोबारा लोलार्क कुंड पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कई परिवारों ने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। कुछ श्रद्धालुओं ने बाबा लोलार्केश्वर को हलवा-पूरी का भोग अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
मनोकामना पूरी होने पर फिर आते हैं श्रद्धालु
लोलार्क कुंड के प्रधान पुजारी के अनुसार, यहां स्नान के बाद संतान प्राप्ति की मान्यता काफी पुरानी है। इसी आस्था के कारण सूर्य षष्ठी पर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद परिवार बच्चों के साथ लोलार्केश्वर महादेव के दर्शन करने और अपनी श्रद्धा अर्पित करने आते हैं।
कुंड में स्नान से जुड़ी एक अन्य मान्यता के तहत श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार एक फल कुंड में छोड़ते हैं। मान्यता है कि संतान की प्राप्ति होने तक उस फल का सेवन नहीं किया जाता। इसी परंपरा के तहत भी श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
बैरिकेडिंग में पहले से जुटे श्रद्धालु
सूर्य षष्ठी पर लोलार्क कुंड में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। पर्व से पहले ही श्रद्धालु बैरिकेडिंग वाले स्थानों पर पहुंचकर बैठने लगे हैं। कई लोग वहीं अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि पर्व के दिन भीड़ काफी बढ़ जाती है, इसलिए पहले पहुंचकर इंतजार करना सुविधाजनक रहता है।
देश-विदेश से पहुंचते हैं श्रद्धालु
सूर्य षष्ठी पर लोलार्क कुंड में स्नान का धार्मिक महत्व देशभर में माना जाता है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ देश के दूसरे हिस्सों से भी श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार विदेशों से भी श्रद्धालु यहां आते हैं। पर्व के दिन कुंड और आसपास के क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। सूर्य षष्ठी से पहले ही लोलार्क कुंड पर बढ़ी भीड़ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को दर्शा रही है। आने वाले दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।