एलपीजी सिलेंडर के लिए भटक रहे उपभोक्ता, बुकिंग के बाद भी 10–12 दिन तक नहीं मिल रहा सिलेंडर
- फर्जी डिलीवरी मैसेज और कोटा पूरा दिखाने की शिकायतें बढ़ीं
- एजेंसी ने जिले में एपीजी की कमी से किया इनकार
- डिलीवरीवाले बोले, समय पर नहीं मिल रहे सिलेंडर
वाराणसी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग मिस कॉल या अन्य माध्यमों से नहीं हो पाने और बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर न मिलने से लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस संकट के बीच उन्हें सिलेंडर के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान फर्जी गैस सिलेंडर डिलीवरी मैसेज और एक साल का कोटा पूरा होने से जुड़े कई मामले भी सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। पेट्रोलियम कंपनियों के मानक के अनुसार एक गैस कनेक्शन पर उपभोक्ता को एक वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडर का कोटा निर्धारित है, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उन्हें पूरे 12 सिलेंडर नहीं मिले, फिर भी सिस्टम में उनका कोटा समाप्त दिखाया जा रहा है।
बेनीपुर गैस एजेंसी के उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित
बेनीपुर गैस एजेंसी से जुड़े उपभोक्ताओं ने बताया कि वे लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बुकिंग के बाद भी 7 से 10 दिनों तक सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में एजेंसी के कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने गैस की कमी से इनकार करते हुए कहा कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है।
डिलीवरी कर्मियों ने बताई आपूर्ति में कमी
गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मी सुरेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में गैस की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है। समय पर सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ताओं को निर्धारित समय पर गैस देना संभव नहीं हो पा रहा है।
लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने को मजबूर लोग
गैस की समस्या से परेशान कई परिवार अब फिर से पारंपरिक ईंधन का सहारा लेने को विवश हो गए हैं। क्षेत्र की निवासी सरिता ने बताया कि उन्होंने पहले ही गैस बुक कर दी थी, लेकिन लगभग 10 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचा। मजबूरी में उन्हें कोयला और लकड़ी खरीदकर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ और असुविधा दोनों बढ़ रही हैं।
उपभोक्ताओं ने की जांच और समाधान की मांग
उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।