कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, बोले, कई एयरपोर्ट निजी हाथों में सौंपे, पश्चिम एशिया जंग से पैदा हुए हालत से निबटने को तैयारी नहीं 

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैय्यद नासिर हुसैन ने शनिवार को प्रेस कॉंफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश के कई महत्वपूर्ण एयरपोर्ट निजी हाथों में सौंप दिए गए हैं। सरकार ने इजराइल-ईरान जंग से पैदा हुए हालात के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की। इसलिए जनता परेशान है। 
 

वाराणसी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैय्यद नासिर हुसैन ने शनिवार को प्रेस कॉंफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश के कई महत्वपूर्ण एयरपोर्ट निजी हाथों में सौंप दिए गए हैं। सरकार ने इजराइल-ईरान जंग से पैदा हुए हालात के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की। इसलिए जनता परेशान है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ही कोविड जैसे हालात की बात कहकर भ्रम फैलाने का काम किया। इसमें विपक्ष का कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पैदा हुए हालात के लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार ने इसके लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में अब तक छह एयरपोर्ट अडानी समूह को दे दिए गए हैं, जो देश की संपत्तियों के निजीकरण की ओर इशारा करता है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार आम जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी जाती, खासकर SIR जैसे विषयों पर सरकार जवाब देने से बचती रही है।

नासिर हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के चलते गैस और तेल की किल्लत बढ़ती जा रही है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस रणनीति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध में कई भारतीयों की जान गई है, जो चिंता का विषय है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।