पुलिस कमिश्नर से मिले कांग्रेस और एनएसयूआई नेता, पुलिस कार्रवाई के विरोध में सौंपा ज्ञापन, उत्पीड़न रोकने की मांग
वाराणसी। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान पत्रक सौंपकर पुलिसिया उत्पीड़न पर विरोध जताया। आरोप लगाय कि पुलिस बिना किसी वजह के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नजरबंद व लॉकअप में बंद कर रही है। यदि उत्पीड़न नहीं रुका तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होगी।
अशोक कुमार सिंह (अधिवक्ता), जिला उपाध्यक्ष एवं प्रभारी शिवपुर विधानसभा, जिला कांग्रेस कमेटी ने बताया कि बीते कुछ समय से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट (नजरबंदी) की कार्रवाई लगातार की जा रही है। आरोप लगाया गया कि आए दिन नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोका जाता है, जिससे उनकी राजनीतिक गतिविधियों को बाधित किया जा रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि रात 11 या 12 बजे कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में जाकर जगाया जाता है और अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल मानसिक उत्पीड़न है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। ज्ञापन में 11 जनवरी को मनरेगा को लेकर बीएचयू से मार्च निकाल रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया गया है।
आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें जमीन पर पटकने और सड़क पर घसीटने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि इस घटना में वे घायल भी हुए। कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।
इसके अलावा 12 जनवरी को भी कांग्रेस के छात्र संगठन के नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने और प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस कमेटी का कहना है कि यह सिलसिला लगातार जारी है और प्रशासन विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है।
कांग्रेस की ओर से पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया गया कि नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ की जा रही इस तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि यह कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।