सीएम काशी से प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को देंगे डीबीटी की सौगात, वाराणसी के 1,54,634 छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ

प्रदेश के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार विद्यार्थियों की बुनियादी आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने 08 जुलाई के प्रस्तावित वाराणसी दौरे के दौरान प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे धनराशि अंतरित करेंगे।
 

- योगी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे और स्टेशनरी की भी कर रही व्यवस्था

- नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, योजना के अंतर्गत प्रति छात्र-छात्रा 1,200 रुपये होंगे अंतरित

- 08 जुलाई को टीएफसी में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कीं

वाराणसी। प्रदेश के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार विद्यार्थियों की बुनियादी आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने 08 जुलाई के प्रस्तावित वाराणसी दौरे के दौरान प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे धनराशि अंतरित करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले 04 अप्रैल को वाराणसी से प्रदेशव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ किया था। अब एक बार फिर काशी की धरती से डीबीटी अभियान का शुभारंभ प्रस्तावित है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे धनराशि अंतरित करेंगे। इनमें वाराणसी के 1,54,634 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक छात्र-छात्रा के अभिभावक के बैंक खाते में 1,200 रुपये की धनराशि अंतरित की जाएगी।

यह पहल इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित नहीं मानती है। विद्यार्थियों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से अभिभावकों को सीधे धनराशि उपलब्ध होने से बच्चे अपनी आवश्यकता और आकार के अनुरूप सामग्री खरीद सकेंगे तथा समय से विद्यालय आने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

इन सामग्रियों के लिए मिलेगी राशि
बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ विद्यालय पहुंचे। अभिभावकों के खातों में भेजी जाने वाली धनराशि से वे बच्चों की आवश्यकता और आकार के अनुरूप आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे। योजना के अंतर्गत प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए अंतरित की जाने वाली धनराशि से अभिभावक बच्चों की आवश्यकता एवं आकार के अनुरूप दो जोड़ी यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर तथा स्टेशनरी (कॉपी, पुस्तकें एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री) की खरीद कर सकेंगे।

पारदर्शी व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त
डीबीटी व्यवस्था ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। सहायता राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में अंतरित होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा धनराशि समयबद्ध ढंग से वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रही है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो और प्रत्येक छात्र-छात्रा को समान अवसर प्राप्त हो।

अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी
8 जुलाई को टीएफसी में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विभागीय अधिकारी कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि मुख्यमंत्री के हाथो से डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के करोड़ों विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में धनराशि का सफल अंतरण सुनिश्चित किया जा सके।