मणिकर्णिका घाट पर चला स्वच्छता अभियान, 500 किलो कचरा किया साफ, श्रद्धालुओं से गंगा में गंदगी न करने की अपील 

पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के अवसर पर मणिकर्णिका तीर्थ और आसपास के गंगा घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। पंचक्रोशी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा घाटों पर छोड़े गए पुराने कपड़े, प्लास्टिक और अन्य कचरे को ‘नमामि गंगे’ और नगर निगम की संयुक्त टीम ने श्रमदान कर साफ किया। अभियान के दौरान करीब 500 किलो कचरा एकत्र किया गया।
 

वाराणसी। पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के अवसर पर मणिकर्णिका तीर्थ और आसपास के गंगा घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। पंचक्रोशी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा घाटों पर छोड़े गए पुराने कपड़े, प्लास्टिक और अन्य कचरे को ‘नमामि गंगे’ और नगर निगम की संयुक्त टीम ने श्रमदान कर साफ किया। अभियान के दौरान करीब 500 किलो कचरा एकत्र किया गया।

स्वच्छता अभियान का नेतृत्व नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। उन्होंने पंचक्रोशी यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर गंगा में पुराने वस्त्र, प्लास्टिक या पूजन सामग्री प्रवाहित करना उचित नहीं है। इससे गंगा प्रदूषित होती हैं और घाटों की स्वच्छता प्रभावित होती है।

राजेश शुक्ला ने कहा कि “गंगा में बहाया हुआ वस्त्र पुण्य नहीं, बल्कि प्रदूषण है।” उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पूजन सामग्री और पुराने वस्त्रों को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय मंदिरों में अर्पित करें या निर्धारित स्थानों पर ही रखें। उन्होंने कहा कि मां गंगा को स्वच्छ रखना ही सबसे बड़ी पूजा है।

अभियान के दौरान घाटों पर फैले कपड़े, प्लास्टिक, फूल-मालाएं और अन्य कचरे को साफ कर नगर निगम की गाड़ियों से हटवाया गया। इस दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। स्वच्छता अभियान में नगर निगम के कई कर्मचारी और गंगा सेवक शामिल रहे। इनमें रीना, नीलम, सुनीता और मनोज समेत अन्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अभियान के दौरान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता का संदेश देते हुए गंगा तटों को साफ-सुथरा बनाए रखने की अपील की गई।