बीएचयू में रंगोत्सव की धूम, फुगआ गीतों पर थिरके युवा, जमकर उड़े अबीर-गुलाल 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में शुक्रवार को होली का रंगोत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही परिसर में छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते पार्क अबीर-गुलाल के रंगों से सराबोर हो उठा और हर ओर हंसी-खुशी का माहौल दिखाई देने लगा।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में शुक्रवार को होली का रंगोत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही परिसर में छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते पार्क अबीर-गुलाल के रंगों से सराबोर हो उठा और हर ओर हंसी-खुशी का माहौल दिखाई देने लगा।

ढोल-नगाड़ों की थाप और फगुआ गीतों की मधुर धुन ने वातावरण को जीवंत बना दिया। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते नजर आए। कई विद्यार्थी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे, जिससे आयोजन की सांस्कृतिक छटा और भी निखर उठी। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने युवा कुछ ही देर में लाल, गुलाबी, हरे और पीले रंगों में रंग गए।

“हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मधुबन पार्क गूंज उठा। युवाओं ने सामूहिक उद्घोष के साथ काशी की आध्यात्मिक परंपरा को भी जीवंत कर दिया। भोजपुरी और पारंपरिक होली गीतों पर समूह बनाकर छात्राओं ने जमकर नृत्य किया। कहीं गोल घेरा बनाकर ढोल की थाप पर डांस हो रहा था तो कहीं मित्रों के समूह सेल्फी और वीडियो बनाकर इस यादगार पल को सहेजते दिखे।

होली मिलन समारोह में विभिन्न संकायों और विभागों के विद्यार्थियों ने एक साथ रंग खेलकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। किसी ने माथे पर तिलक लगाकर शुभकामनाएं दीं तो किसी ने गले मिलकर त्योहार की बधाई दी। पढ़ाई और परीक्षाओं के दबाव के बीच यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए उल्लास और आपसी जुड़ाव का अवसर बन गया।

आयोजन के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय परिवार के लिए यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और मित्रता का उत्सव भी रहा। मधुबन पार्क में खेली गई इस होली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि काशी में रंगों का पर्व भावनाओं, परंपराओं और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम है।