ग्रामीण इलाकों में जल्द ही दौड़ेंगी बसें, 77 रूट्स फाइनल, आवागमन में होगी सहूलियत
वाराणसी। पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों में अब परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत बस संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित रूट्स पर जल्द ही नई बसें दौड़ती नजर आएंगी। इससे गांवों को ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
कैंट स्थित चौधरी चरण सिंह बस स्टेशन के निदेशक परशुराम पांडेय के अनुसार, योजना के तहत कुल 91 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें वाराणसी से सबसे अधिक 35 आवेदन आए, जबकि सोनभद्र से 26, जौनपुर से 20 और गाजीपुर व चंदौली से 5-5 आवेदन प्राप्त हुए। इन सभी आवेदनों की समीक्षा जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) की संयुक्त समिति द्वारा की गई।
समीक्षा के बाद अब तक 77 रूट्स को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। चयनित आवेदकों को आवंटन पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे बस संचालन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। इस योजना के तहत चलाई जाने वाली बसें विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं।
इन बसों की क्षमता 15 से 28 सीटों के बीच होगी और इनकी लंबाई लगभग 7 मीटर निर्धारित की गई है, ताकि वे संकरी और कम चौड़ी ग्रामीण सड़कों पर आसानी से संचालित हो सकें। अधिकारियों के अनुसार, इसी महीने के अंत तक इन बसों का संचालन शुरू होने की पूरी संभावना है। योजना के लागू होने से न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए शहरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी।