काशी की काष्ठ कला में छाया ‘बुलडोजर’, लकड़ी के मॉडल की बढ़ी डिमांड

योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और “बुलडोजर बाबा” की पहचान अब काशी की पारंपरिक काष्ठ कला में भी नजर आने लगी है। उत्तर प्रदेश सरकार की “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना के तहत काशी की प्रसिद्ध लकड़ी कला को नया आयाम मिल रहा है। स्थानीय कारीगरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरित होकर लकड़ी का खास “बुलडोजर बाबा” तैयार किया है, जिसकी लोगों के बीच तेजी से लोकप्रियता बढ़ रही है।
 

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और “बुलडोजर बाबा” की पहचान अब काशी की पारंपरिक काष्ठ कला में भी नजर आने लगी है। उत्तर प्रदेश सरकार की “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना के तहत काशी की प्रसिद्ध लकड़ी कला को नया आयाम मिल रहा है। स्थानीय कारीगरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरित होकर लकड़ी का खास “बुलडोजर बाबा” तैयार किया है, जिसकी लोगों के बीच तेजी से लोकप्रियता बढ़ रही है।

काष्ठ कला से जुड़े कारीगर बिहारी लाल अग्रवाल ने बताया कि काशी की लकड़ी कला पहले से ही देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है, लेकिन इस बार उन्होंने कुछ नया और अलग बनाने का प्रयास किया। इसी सोच के साथ लकड़ी का बुलडोजर डिजाइन तैयार किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान आज पूरे देश में “बुलडोजर बाबा” के रूप में बन चुकी है, इसलिए इसे कला के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का विचार आया।

कारीगर बिहारी लाल अग्रवाल के अनुसार, इस बुलडोजर का डिजाइन उनकी बेटी ने करीब 15 से 20 दिनों की मेहनत से तैयार किया। इसे बनाने के दौरान पूरे परिवार में उत्साह का माहौल रहा। बुलडोजर को बेहद आकर्षक तरीके से तैयार किया गया है, जिस पर “बुलडोजर बाबा” नाम के साथ कमल का प्रतीक भी उकेरा गया है। इसे चार अलग-अलग आकारों में बनाया गया है, ताकि लोग अपनी पसंद के अनुसार इसे खरीद सकें।

उन्होंने बताया कि पहले उनकी दुकान पर लकड़ी से बने ऑटो रिक्शा, ट्रक, बस और अन्य खिलौनों की ज्यादा मांग रहती थी, लेकिन “बुलडोजर बाबा” आने के बाद ग्राहकों का आकर्षण तेजी से इसी ओर बढ़ा है। बच्चों के साथ-साथ बड़े लोग भी इसे काफी पसंद कर रहे हैं और घरों में सजावट के तौर पर खरीद रहे हैं।

बिहारी लाल अग्रवाल ने बताया कि बंगाल चुनाव के दौरान टीवी पर लगातार बुलडोजर की चर्चा देखने के बाद उन्हें यह अनोखा विचार आया। उन्होंने कहा कि आज बुलडोजर केवल मशीन नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी यह विशेष कलाकृति भेजी है।

कारीगरों का कहना है कि अब कई बड़े नेता, मंत्री और बाहर से आने वाले पर्यटक भी “बुलडोजर बाबा” की मांग कर रहे हैं। काशी की यह अनोखी काष्ठ कला अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है और स्थानीय कलाकारों को नई पहचान दिला रही है।