बरेका में पुस्तक मेला, ज्ञान, चिंतन और रचनात्मकता को बढ़ावा, 11 सितंबर तक चलेगा आयोजन
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) स्थित संस्थान में बुधवार को तीन दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। 9 से 11 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस पुस्तक मेले का उद्घाटन संस्थान अध्यक्ष एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) रामजन्म चौबे ने दीप प्रज्वलित एवं फीता काटकर किया।
इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजकुमार गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार यादव, विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी, अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामजन्म चौबे और राजकुमार गुप्ता ने पुस्तक मेले के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, चिंतन और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम हैं। डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व बरकरार है। पठन-पाठन से सकारात्मक सोच, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बरेका परिवार के सदस्यों और पुस्तक प्रेमियों से मेले का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
संस्थान सचिव आलोक सिंह ने संस्थान की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए पुस्तक मेले के महत्व पर प्रकाश डाला। अतिथियों एवं पदाधिकारियों का स्वागत संस्थान सचिव आलोक सिंह, उप सचिव अरविंद तिवारी, संयुक्त सचिव रविन्द्र यादव, पुस्तकालय सचिव आनंद राय, कोषाध्यक्ष अखिलेश राय, खेलकूद सचिव रमेशचंद्र जैसल और उप संयुक्त सचिव अखिलेश कुमार ने किया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद तिवारी और अखिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
शुभारंभ अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। क्रेजी अबाउट डांस की तन्वी टंडन ने सरस्वती वंदना पर एकल नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद श्री रतन और श्री ही नारायण की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों की सराहना बटोरी। पुस्तक मेले में हिंदी श्री प्रकाशन एवं वितरक, व्योम प्रकाशन, पिलग्रिम प्रकाशन, लक्ष्मी नारायण बुक्स एजेंसी, भगत सिंह छात्र प्रकाशक/पुस्तक संकलन, डॉ. अंबेडकर समिति, संतोष लाइब्रेरी एवं बुक्स, मोतीलाल बनारसी दास प्रकाशन, इंडिका बुक डिस्ट्रीब्यूटर्स और भारती प्रकाशन सहित विभिन्न प्रकाशकों एवं पुस्तक वितरकों के स्टॉल लगाए गए हैं।
मेले में साहित्य, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व विकास, इतिहास और संस्कृति समेत विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इससे बरेका के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ अन्य पुस्तक प्रेमियों को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकें चुनने का अवसर मिल रहा है।