नमो घाट फेज-2 पर नाविकों का प्रदर्शन, जबरन कार्रवाई और लाठीचार्ज का आरोप
वाराणसी। शहर के चर्चित नमो घाट फेज-2 पर गुरुवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय नाविकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नाविकों का आरोप है कि प्रशासन ने जबरन उनकी नावें खुलवा दीं और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट करते हुए लाठीचार्ज भी किया।
अस्सी घाट से लेकर नमो घाट फेज-2 तक नाव संचालन के अधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और कथित तौर पर नावों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। नाविकों का कहना है कि यह कार्रवाई चौकी प्रभारी चंदन कुमार और आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर की मौजूदगी में की गई।
सराय मोहाना निवासी नाविक सुरेंद्र निषाद ने बताया कि वे सुबह दर्शन कर लौट रहे थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि प्रशासन उनकी नावें जबरन खोल रहा है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भारी पुलिस बल तैनात है और नावों को हटाया जा रहा है। विरोध करने पर नाविकों के साथ अभद्र व्यवहार और बल प्रयोग किया गया।
नाविकों का आरोप है कि नमो घाट पर नई आरती शुरू होने के बाद से कुछ प्रभावशाली लोगों की नजर इस क्षेत्र पर पड़ गई है, जिसके चलते उनके पारंपरिक रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि पिछले चार महीनों से वे इस उम्मीद में नावें बांधकर बैठे थे कि आरती शुरू होने के बाद उन्हें रोजगार का अवसर मिलेगा, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
नाविकों ने यह भी दावा किया कि पहले एक बैठक में स्टांप पेपर पर लिखित समझौता हुआ था, जिसमें उन्हें शाही नाले से आदि केशव घाट तक नाव संचालन की अनुमति दी गई थी। अब प्रशासन द्वारा इस समझौते को नजरअंदाज कर कार्रवाई किए जाने से नाविकों में भारी नाराजगी है।