अफ्रीका में दौड़ेगा BLW का 'शेर' : 10वां 3300 हॉर्स पॉवर डीजल रेल इंजन वाराणसी से मोज़ाम्बिक के लिए रवाना
वाराणसी। Banaras Locomotive Works (बरेका) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और औद्योगिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। बरेका द्वारा निर्मित 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की दसवीं इकाई 21 फरवरी 2026 को मोज़ाम्बिक के लिए सफलतापूर्वक रवाना कर दी गई। इसके साथ ही मोज़ाम्बिक को आपूर्ति किए जाने वाले सभी 10 इंजनों का निर्यात निर्धारित समयसीमा में पूरा हो गया है।
यह उपलब्धि न केवल बरेका की उत्पादन दक्षता का प्रमाण है, बल्कि भारतीय रेल की बढ़ती वैश्विक साख और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी दर्शाती है।
समयबद्ध निर्यात से बढ़ी अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता
मोज़ाम्बिक को 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के निर्माण और निर्यात का आदेश बरेका को प्राप्त हुआ था। इन इंजनों की आपूर्ति RITES Limited के माध्यम से की गई।
निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई। पहले दो लोकोमोटिव जून 2025 में, तीसरा सितंबर 2025 में, चौथा अक्टूबर 2025 में तथा पांचवां और छठा दिसंबर 2025 में भेजा गया। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2026 में शेष इकाइयों की आपूर्ति करते हुए 21 फरवरी 2026 को दसवां और अंतिम लोकोमोटिव भी रवाना कर दिया गया।
समयबद्ध निष्पादन ने भारतीय रेलवे की तकनीकी विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर और सुदृढ़ किया है।
आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों से लैस
बरेका द्वारा निर्मित ये 3300 एचपी केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से संचालन में सक्षम हैं। इनमें उन्नत एसी–एसी ट्रैक्शन तकनीक, आधुनिक एवं एर्गोनॉमिक कैब डिज़ाइन और उच्च दक्षता वाली सुरक्षित संचालन प्रणाली शामिल है।
चालक सुविधा के लिए रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट और मोबाइल होल्डर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जो लंबी दूरी के संचालन को सहज बनाती हैं। इन विशेषताओं के माध्यम से भारतीय इंजीनियरिंग की गुणवत्ता और व्यावहारिकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
वाराणसी बन रहा वैश्विक निर्यात केंद्र
भारतीय रेल की प्रमुख उत्पादन इकाई के रूप में बरेका अब लोकोमोटिव निर्माण का एक महत्वपूर्ण वैश्विक निर्यात केंद्र बनता जा रहा है। स्वदेशी डिजाइन और उन्नत विनिर्माण क्षमता के बल पर यह वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को मजबूत कर रहा है।
अब तक बरेका 11 देशों को 182 लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है, जिनमें तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, सूडान, अंगोला, म्यांमार, सेनेगल, माली और मोज़ाम्बिक शामिल हैं। इन निर्यातों ने संबंधित देशों की रेलवे प्रणालियों के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन को मिला बल
‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की अवधारणा के अनुरूप यह उपलब्धि भारत की उस क्षमता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से विभिन्न देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप विविध गेज प्रणालियों के लिए रोलिंग स्टॉक का डिजाइन और निर्माण किया जा सकता है।
लोकोमोटिव निर्यात के क्षेत्र में बरेका की यह सफलता भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, औद्योगिक सामर्थ्य और वैश्विक रेलवे उपकरण बाजार में उसके निरंतर बढ़ते प्रभाव का सशक्त प्रतीक है।