वाराणसी में एमएलसी चुनाव को लेकर बीजेपी की जनसभा, सीएम योगी रणनीति को देंगे धार, जुटेंगे आठ जिलों के मतदाता
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में होगी जनसभा, करीब 10 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद
सीएम श्री काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में करेंगे दर्शन-पूजन
वाराणसी। विधान परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 अक्टूबर को वाराणसी पहुंचकर जनसभा को संबोधित करेंगे। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाली इस जनसभा में आठ जनपदों के मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है। भाजपा पदाधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर भाजपा महानगर संगठन और अन्य पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। जनसभा में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर संपर्क और समन्वय किया जा रहा है। कार्यक्रम में आठ जनपदों से लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आठ जिलों के मतदाताओं पर रहेगा फोकस
एमएलसी चुनाव के मद्देनजर आयोजित इस जनसभा को भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें आठ जनपदों के मतदाताओं की भागीदारी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा के माध्यम से मतदाताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर संगठन तैयारियों में लगा है। जनसभा में बड़ी संख्या में मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी होंगे शामिल
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 अक्टूबर की शाम वाराणसी पहुंचेंगे। जनसभा में शामिल होने के अलावा वह भारत सेवा आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाबा श्री काशी विश्वनाथ और बाबा काल भैरव के दर्शन-पूजन भी करेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जनसभा में आठ जनपदों के मतदाताओं की संभावित भागीदारी और करीब 10 हजार लोगों के जुटने के अनुमान को देखते हुए कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के दौरे और जनसभा पर टिकी हैं।