बीजेपी को काशी से मिला डबल जीरो, एमएलसी चुनाव में नहीं चली चंडीगढ़ वाली चाल : अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना, बोले- भाजपा खुद अराजकता का दूसरा नाम
धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम रद करने की उठाई मांग, ओपी राजभर पर भी कसा तंज
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। एमएलसी चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की चंडीगढ़ वाली चाल इस बार काम नहीं आई। काशी की जनता ने भाजपा को डबल जीरो दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है और चुनाव में गड़बड़ी के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ है। पार्टी का रुख चुनावी जीत-हार पर निर्भर नहीं करता। सपा सभी सीटें जीत भी जाए, तब भी ईवीएम के खिलाफ रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता के मताधिकार की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
भाजपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से लेकर चुनावी प्रक्रिया तक हर जगह अव्यवस्था दिखाई दे रही है। भाजपा की अराजकता के खिलाफ पदयात्रा की बात करने के बजाय यह समझना चाहिए कि भाजपा खुद ही अराजकता का पर्याय बन चुकी है। उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए भी भाजपा को घेरा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को लेकर भी अखिलेश यादव ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेन्द्र शास्त्री ने सनातन धर्म का अपमान किया है। ऐसे में उनके सभी कार्यक्रम रद किए जाने चाहिए। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि राजभर यदि मुख्यमंत्री की कैबिनेट में नहीं जाते हैं तो उन्हें वहां अपने से भी बड़े गुंडे देखने को मिल सकते हैं।
अखिलेश यादव सोमवार को वाराणसी दौरे पर आए थे। उन्होंने सीरगोवर्धन में दिवंगत सपा नेता राजेश यादव नत्थु के घर जाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद फौजी कोठी पहुंचकर पार्टी नेता अजय फौजी से मुलाकात की। उसके बाद सुंदरपुर के राजेंद्र विहार कॉलोनी में राजेश सिंह के घर पहुंचे। इसके बाद अखिलेश लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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