सिगरा पुलिस की बड़ी कामयाबी : 15 लाख का गांजा पकड़ा, पशु आहार की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई जा रही थी खेप, तस्कर गिरफ्तार
वाराणसी। सिगरा पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने पशु आहार की बोरियों के बीच छिपाकर गांजा ले जा रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 31 किलो 275 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल वाहन और गांजे को जब्त कर लिया है। आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है।
एसीपी चेतगंज शुभम जैन ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट का एक ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोका तो चालक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई।
पशु आहार के नीचे छिपाई गई थीं गांजे की बोरियां
तलाशी के दौरान ट्रक में पशु आहार की बोरियों के नीचे दो अन्य बोरियां छिपी मिलीं। पुलिस ने जब इन बोरियों को खोलकर जांच की तो उनमें गांजे के 30 पैकेट बरामद हुए। तस्करी के लिए पशु आहार का इस्तेमाल किए जाने से पहली नजर में गांजे की मौजूदगी का पता लगाना मुश्किल था। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बक्सर निवासी आरोपी से पूछताछ जारी
एसीपी चेतगंज शुभम जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार गौड़ के रूप में हुई है। वह बिहार के बक्सर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर बनारस पहुंचा था। हालांकि, आरोपी के यात्रा मार्ग और तस्करी के पूरे नेटवर्क की विस्तृत जानकारी पूछताछ के बाद सामने आएगी।
तस्करी नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
एसीपी ने बताया कि बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और वाराणसी में इसकी आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी। साथ ही, तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।