स्वच्छ काशी की दिशा में बड़ा कदम: होटलों के लिए कचरा निस्तारण अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर के निर्माण की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शहर के बड़े होटलों और संस्थानों को अपने परिसर से निकलने वाले कचरे का स्वयं निस्तारण करना होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत नगर निगम ने ऐसे प्रतिष्ठानों की जवाबदेही तय कर दी है और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।
 

वाराणसी। स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर के निर्माण की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शहर के बड़े होटलों और संस्थानों को अपने परिसर से निकलने वाले कचरे का स्वयं निस्तारण करना होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत नगर निगम ने ऐसे प्रतिष्ठानों की जवाबदेही तय कर दी है और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. चौधरी ने बताया कि नगर निगम कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उससे वर्मी कंपोस्ट तैयार करने को बढ़ावा दे रहा है। इसी उद्देश्य से नए नियम लागू किए गए हैं, जिनके तहत स्थानीय निकायों को विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व (ईबीडब्ल्यूआर) प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। यह प्रमाणपत्र तीन वर्षों तक वैध रहेगा।

उन्होंने बताया कि प्रमाणन की प्रक्रिया, लागत और प्रबंधन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय की जाएगी, जिससे कचरा प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

नगर निगम के अनुसार वे सभी होटल, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में शामिल होंगे, जो 20 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में संचालित होते हैं अथवा प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक पानी की खपत करते हैं। ऐसे संस्थानों को अपने परिसर में ही गीले कचरे का प्रसंस्करण करना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों का कहना है कि शहर में बढ़ती पर्यटकों की संख्या और स्वच्छता की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे न केवल नगर निगम पर कचरा प्रबंधन का बोझ कम होगा, बल्कि जैविक कचरे का उपयोग खाद निर्माण में भी किया जा सकेगा।

नगर निगम का मानना है कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से काशी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।