दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर बड़ा कदम, पांच अक्टूबर से चिह्नित भवनों पर चलेगा बुलडोजर
वाराणसी। दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण की बहुप्रतीक्षित योजना अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चरण में पहुंच गई है। मार्ग के चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले चिह्नित भवनों पर पांच अक्टूबर 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित संपत्तियों की सूची जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। कार्रवाई के साथ ही दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को धरातल पर आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है।
प्रशासन की ओर से जारी सूचना में चौड़ीकरण की जद में आने वाली कई संपत्तियों के भवन क्रमांक का उल्लेख किया गया है। इनमें सीके 39/73, सीके 39/74+76, सीके 43/112, सीके 67/1, डी 50/209-डी-1 तथा सी 1/16 और 17 समेत अन्य भवन शामिल हैं। इन संपत्तियों के उन हिस्सों को चिह्नित किया गया है, जो प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आ रहे हैं।
पांच अक्टूबर को प्रस्तावित है कार्रवाई
प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रस्तावित कार्रवाई से पहले प्रभावित भवनों की जानकारी सार्वजनिक की है। इससे संबंधित संपत्ति स्वामियों को कार्रवाई की जानकारी मिलने के साथ क्षेत्र में भी हलचल बढ़ गई है। प्रस्तावित कार्रवाई के दौरान चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले चिह्नित भवनों अथवा उनके हिस्सों को हटाया जाएगा। प्रशासन की तैयारी के अनुसार पांच अक्टूबर को कार्रवाई आगे बढ़ने की संभावना है।
घनी आबादी और बाजार के बीच चुनौती
दालमंडी वाराणसी के पुराने और घनी आबादी वाले प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में दुकानें, प्रतिष्ठान और आवासीय भवन हैं। संकरी सड़क और लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में मार्ग चौड़ीकरण का उद्देश्य आवागमन को सुगम बनाने और यातायात व्यवस्था में सुधार करना है।
हालांकि, व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना अहम होगा। प्रशासन की ओर से कार्रवाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल और आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की संभावना है।
चौड़ीकरण से यातायात सुधार की उम्मीद
दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण को शहर की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मार्ग चौड़ा होने के बाद दालमंडी और आसपास के इलाकों में वाहनों के आवागमन में सहूलियत मिलने तथा जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। चिह्नित भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने के साथ परियोजना अगले चरण में प्रवेश करेगी। फिलहाल प्रशासन की नजर पांच अक्टूबर को प्रस्तावित कार्रवाई पर है। इसके बाद चिह्नित हिस्सों को हटाकर मार्ग चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। प्रभावित संपत्ति स्वामियों के लिए भी यह कार्रवाई अहम होगी, क्योंकि उनकी संपत्तियों के हिस्से प्रस्तावित चौड़ीकरण की सीमा में शामिल हैं।