Cy-Vazra अभियान में वाराणसी साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी 'साइबर वज्र (Cy-Vazra)' अभियान के तहत कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने थाना कैंट क्षेत्र में संचालित इस संगठित नेटवर्क पर छापेमारी कर 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, ₹68,275 नकद, ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित पर्चियां, हिसाब-किताब और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी 'साइबर वज्र (Cy-Vazra)' अभियान के तहत कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने थाना कैंट क्षेत्र में संचालित इस संगठित नेटवर्क पर छापेमारी कर 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, ₹68,275 नकद, ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित पर्चियां, हिसाब-किताब और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्णा के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर वज्र अभियान के तहत पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र और सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) विनय द्विवेदी के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना की विशेष टीम ने किया।

ऐसे चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का खेल
एसीपी साइबर क्राइम विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी "भाग्यलक्ष्मी" नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध सट्टेबाजी का कारोबार चला रहे थे। गिरोह के सदस्य स्थानीय लोगों से संपर्क कर उन्हें वेबसाइट का लिंक उपलब्ध कराते थे और नगद व ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अंक आधारित सट्टा खिलाते थे। खिलाड़ियों का पंजीकरण टिकट के जरिए किया जाता था और वेबसाइट पर परिणाम घोषित किए जाते थे।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह सुनियोजित तरीके से खिलाड़ियों द्वारा चुने गए नंबरों का विश्लेषण कर वेबसाइट संचालकों से परिणामों में कथित हेरफेर कराता था, जिससे अधिकांश खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान होता था और गिरोह अवैध लाभ कमाता था। ग्राहकों से संपर्क बनाए रखने और लेनदेन के लिए व्हाट्सएप ग्रुप सहित अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता था।

डिजिटल साक्ष्य मिले
बरामद मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े व्हाट्सएप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, भुगतान विवरण, हिसाब-किताब और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इन उपकरणों का विस्तृत डिजिटल फॉरेंसिक परीक्षण करा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, तकनीकी सहयोगियों और वित्तीय लाभार्थियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 31/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

साइबर पुलिस की अपील
साइबर क्राइम थाना वाराणसी ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ या त्वरित लाभ का लालच देने वाले प्लेटफॉर्म से दूर रहें। सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले संदिग्ध बेटिंग लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी वेबसाइट या ऐप पर निवेश या भुगतान करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन सट्टेबाजी का प्रलोभन देता है या साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बनाता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।