बंगाल के कारीगरों के हाथों आकार ले रहा बीएचयू का भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, बांग्ला विधि-विधान से होगी मां दुर्गा की आराधना

शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही काशी में दुर्गोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में भी दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। परिसर में तैयार हो रहा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल अब आकार लेने लगा है। इसे आकर्षक स्वरूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से आए दर्जनों कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। बांस, कपड़े और पारंपरिक सजावटी सामग्री से पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
 

 

नवरात्र को लेकर बीएचयू परिसर में तेज हुईं तैयारियां, दर्जनों शिल्पकार पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे

 

मां दुर्गा के साथ लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय की भी आराधना, प्रतिदिन भोग और प्रसाद की रहेगी व्यवस्था

 

श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन, काशी के कई पंडालों में पश्चिम बंगाल के शिल्पकार दे रहे कलात्मक स्वरूप

 

पंडालों में ढाक की थाप, धुनुची नृत्य और बंगाली परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी, बीएचयू का दुर्गोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ बंगाली कला-संस्कृति का भी बनेगा संगम

वाराणसी। शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही काशी में दुर्गोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में भी दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। परिसर में तैयार हो रहा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल अब आकार लेने लगा है। इसे आकर्षक स्वरूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से आए दर्जनों कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। बांस, कपड़े और पारंपरिक सजावटी सामग्री से पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

बीएचयू का दुर्गोत्सव विश्वविद्यालय के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। यहां मां दुर्गा की पूजा बंगाल की पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार की जाती है। पूजा स्थल पर बंगाली संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिलती है।

ढांचे से सजावट तक चल रहा काम
पंडाल निर्माण में जुटे कारीगर पहले मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं। इसके बाद कपड़े, सजावटी सामग्री और कलात्मक वस्तुओं से पंडाल को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। कोई मुख्य ढांचे को अंतिम रूप देने में जुटा है तो कोई बारीक सजावट और कलाकारी कर रहा है।
काशी में दुर्गा पूजा पंडालों को आकर्षक स्वरूप देने में पश्चिम बंगाल के शिल्पकारों की लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस बार भी शहर के कई पूजा पंडालों में बंगाल के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।

बांग्ला परंपरा से होगी पूजा
बीएचयू में मां दुर्गा के साथ लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय की भी विधि-विधान से पूजा होगी। नवरात्र के दौरान प्रतिदिन मां को भोग अर्पित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ आसपास के श्रद्धालुओं के भी बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

भंडारे में मिलेगा प्रसाद
पूजा समिति की ओर से श्रद्धालुओं और विश्वविद्यालय परिवार के लिए भंडारे की भी तैयारी की जा रही है। पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामूहिक प्रसाद वितरण और भंडारा आयोजन को सामाजिक सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा।