बीएचयू में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, चौथे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्रसंघ बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान आंदोलनरत छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सद्बुद्धि और छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय की कामना से बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ में विद्यार्थियों ने आहुतियां देकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रार्थना की।
 

बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की कामना, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष और महामंत्री ने आंदोलन को दिया समर्थन

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्रसंघ बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान आंदोलनरत छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सद्बुद्धि और छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय की कामना से बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ में विद्यार्थियों ने आहुतियां देकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रार्थना की।

धरनास्थल पर आंदोलन को समर्थन देने के लिए बीएचयू के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अरविंद शुक्ला और पूर्व छात्रसंघ महामंत्री डॉ. सूबेदार सिंह भी पहुंचे। दोनों पूर्व पदाधिकारियों ने आंदोलनरत विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और आंदोलन को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों के समर्थन से आंदोलनरत छात्रों में उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने उनका आभार जताया।

इसी बीच डीन ऑफ स्टूडेंट्स भी धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों और समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को इस विषय पर कुलपति की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बैठक किए जाने की जानकारी मिलने के बाद छात्रों को छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जगी है।

छात्र नेता शिवांश सिंह ने कहा कि छात्रसंघ बहाली की मांग किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आकांक्षा और उनके प्रतिनिधित्व के अधिकार से जुड़ी है। निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों के अभाव में विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और मांगें प्रभावी ढंग से प्रशासन तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। छात्रसंघ विद्यार्थियों की आवाज उठाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि बुद्धि-शुद्धि यज्ञ के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की भावनाओं को समझने और उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने की प्रार्थना की गई है। आंदोलन का उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व की पुनर्स्थापना करना है। जब तक छात्रसंघ बहाली की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। धरने में प्रवीण, अमित, शौर्य, सत्यम, अमन, उत्कर्ष, वरुण और आदित्य सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।