बीएचयू छात्र मारपीट कांड: दो आरोपी जेल भेजे गए, अब भी बिस्तर पर है गंभीर घायल छात्र 

बीएचयू से जुड़े चर्चित मारपीट मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिड़ला ए हॉस्टल के छात्र आयुष राय और विशाल यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस की चितईपुर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
 

वाराणसी। बीएचयू से जुड़े चर्चित मारपीट मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिड़ला ए हॉस्टल के छात्र आयुष राय और विशाल यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस की चितईपुर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

यह पूरा मामला 10 फरवरी को नरिया गेट के पास हुई एक गंभीर मारपीट की घटना से संबंधित है, जिसमें विद्यापीठ के छात्र अंशुमान चौबे बुरी तरह घायल हो गए थे। घटना के बाद अंशुमान के पिता डॉ. अनिल चौबे की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

घटना के डेढ़ महीने बाद भी पीड़ित अंशुमान चौबे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। परिजनों के अनुसार, वह अभी तक पूरी तरह से बिस्तर पर हैं और सामान्य रूप से उठने-बैठने में भी असमर्थ हैं। उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं-एक पैर एक स्थान से और दूसरा पैर दो स्थानों से टूटा हुआ है। इसके अलावा कलाई में फ्रैक्चर है और सिर पर गहरी चोट लगने के कारण ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान करीब 20 टांके लगाने पड़े थे।

परिवार का कहना है कि अंशुमान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह पूरी तरह निर्दोष है। इस घटना ने न केवल उसकी शारीरिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बल्कि उसके भविष्य को भी अनिश्चित बना दिया है। लंबे इलाज और रिकवरी की वजह से उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

प्राथमिकी के अनुसार, हमलावरों ने अंशुमान पर लोहे की रॉड और क्रिकेट स्टंप से हमला किया था, जिससे उसके हाथ-पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने चाकू से जानलेवा वार करने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण उसकी जान बच सकी और आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के तुरंत बाद अंशुमान को बेहोशी की हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बताई गई थी। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, घटना के अगले दिन यानी 11 फरवरी को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। हालांकि, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।

डॉ. अनिल चौबे ने बताया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, जिससे शुरुआती जांच में कठिनाई आई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर मामले में आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।