BHU प्रोफेसर पर नौकरी के लिए 4 लाख रुपये लेने की शिकायत, सोशल मीडिया में ऑडियो वायरल, रकम लौटने पर शिकायतकर्ता ने वापस लिया प्रार्थनापत्र 

नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप से जुड़ा मामला सामने आने के बाद लंका पुलिस ने बीएचयू के एक प्रोफेसर और शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर मामले की जानकारी ली। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर पर चार लाख रुपये लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। इसी शिकायत के साथ कथित बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
 

वाराणसी। नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप से जुड़ा मामला सामने आने के बाद लंका पुलिस ने बीएचयू के एक प्रोफेसर और शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर मामले की जानकारी ली। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर पर चार लाख रुपये लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। इसी शिकायत के साथ कथित बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध एक महाविद्यालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसी आश्वासन के आधार पर कथित तौर पर उससे चार लाख रुपये लिए गए। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर उसने रुपये वापस मांगने शुरू किए। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी और शिकायतकर्ता ने पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया।

सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस
शिकायत पत्र और कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लंका पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। शिकायत पत्र में दर्ज नाम, पता और मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने शिकायतकर्ता तथा संबंधित प्रोफेसर को थाने बुलाया। दोनों पक्षों से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद पुलिस की मौजूदगी में बातचीत कराई गई।

देर रात हुई बातचीत के दौरान प्रोफेसर द्वारा शिकायतकर्ता को कथित तौर पर चार लाख रुपये वापस कर दिए गए। रकम वापस मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी शिकायत वापस लेना चाहता है। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायत वापस लेने पर दर्ज नहीं हुई एफआईआर
लंका के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि वायरल शिकायत के आधार पर शिकायतकर्ता और संबंधित प्रोफेसर को थाने बुलाया गया था। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद रुपये वापस कर दिए गए। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली, इसलिए मामले में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई।

वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में शिकायतकर्ता द्वारा प्रोफेसर पर चार लाख रुपये लेने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वायरल ऑडियो और शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने भी वायरल ऑडियो की सामग्री को आरोपों की अंतिम पुष्टि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है। फिलहाल प्रकरण में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत वापस लेने और रकम लौटाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त हो गया।