आईआईटी-बीएचयू छात्र से सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई 26 फरवरी को, गवाह न आने पर टली कार्यवाही
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष के गवाह अदालत में पेश नहीं हो पाए, जिसके चलते कोर्ट ने अब अगली सुनवाई की तारीख 26 फरवरी तय की है। मामले में पीड़िता और उसके मित्र का बयान और बचाव पक्ष द्वारा जिरह की प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
गवाहों की गैरहाजिरी बनी वजह
सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) में सुनवाई निर्धारित थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया जाना था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इस कारण अदालत को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। अब 26 फरवरी को अगली तारीख तय की गई है, जिसमें गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
नवंबर 2023 की है घटना
यह मामला नवंबर 2023 की रात का है, जब आईआईटी बीएचयू की एक छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। घटना के बाद पीड़िता ने लंका थाने में केस दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
तीन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
पुलिस ने जांच के दौरान कुणाल पांडेय, आनंद चौहान और साकिब उर्फ समीर को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया है और मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है।
पहले दर्ज हो चुके हैं गवाहों के बयान
मामले में पीड़िता सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब शेष गवाहों के बयान और जिरह की प्रक्रिया पूरी की जानी है। अदालत की अगली सुनवाई में इस दिशा में आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।
यह मामला शुरू से ही चर्चा में रहा है और इसकी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अदालत में अगली तारीख पर महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना है।