बीएचयू में अनिश्चितकालीन धरने पर कर्मचारी, नियमितीकरण की मांग पर अड़े, परीक्षा स्थगन को लेकर विरोध तेज

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में सैकड़ों कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से चल रहे इस शांतिपूर्ण आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में सैकड़ों कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से चल रहे इस शांतिपूर्ण आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मचारी शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

यह प्रदर्शन बुधवार को एमपी थिएटर ग्राउंड से शुरू हुआ था। वहां से कर्मचारी जुलूस के रूप में विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑफिस पहुंचे और प्रशासन से वार्ता की कोशिश की। हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी मधुबन पार्क पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना जारी रखा। रातभर कर्मचारी वहीं डटे रहे और गुरुवार को भी शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराते रहे।

धरना दे रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग जूनियर क्लर्क पदों पर प्रस्तावित भर्ती परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की है। उनका कहना है कि परीक्षा कराने से पहले वर्षों से कार्यरत संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के अनुसार, कई लोग पिछले 10 से 14 वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं मिली है।

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कार्य किया है। इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायित्व मिला और न ही भविष्य की कोई सुरक्षा। कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो अब सेवानिवृत्ति के करीब हैं, लेकिन आज तक उनका नियमितीकरण नहीं हो पाया है, जिससे उनमें गहरी निराशा है।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे मधुबन पार्क में शांतिपूर्ण ढंग से धरना जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह अनुशासित और अहिंसक है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, धरना-प्रदर्शन को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अब तक माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना हुआ है।