बीएचयू ईसी की बैठक 27 को, कई बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 27 मई को होने वाली एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2026 की यह पहली ईसी बैठक कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णयों के कारण खास मानी जा रही है। विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र इस बैठक पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसमें नियुक्तियों, पदोन्नति, परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक सुधारों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
ऐसा माना जा रहा कि बैठक में विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियों पर विचार किया जाएगा। हाल ही में हुए इंटरव्यू और चयन प्रक्रियाओं से संबंधित प्रस्ताव ईसी के सामने रखे जाएंगे, जिन पर अंतिम मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा कई शिक्षकों के प्रमोशन से जुड़े मामलों पर भी निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में विश्वविद्यालय की नई शिक्षा व्यवस्था और सेमेस्टर प्रणाली को लेकर भी चर्चा संभावित है। शिक्षकों के प्रदर्शन, मूल्यांकन प्रणाली और पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों की समीक्षा की जाएगी। हाल के दिनों में प्रमोशन परीक्षा में पूछे गए सवालों और सिलेबस को लेकर उठे विवाद भी ईसी के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षक संगठनों और छात्र समूहों ने इन मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद अब ईसी बैठक में इस पर विस्तार से मंथन होने की संभावना है।
इस बैठक का सबसे चर्चित विषय नए कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार इन दोनों अहम पदों के लिए प्राप्त आवेदनों से जुड़े सीलबंद लिफाफे बैठक के दौरान खोले जाएंगे। इसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन में कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इन नियुक्तियों को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों में उत्सुकता बनी हुई है।