BHU भारत कला भवन का समय फिर बदला, अब सुबह 10:30 से शाम 4:30 बजे तक कर सकेंगे भ्रमण
वाराणसी। बीएचयू स्थित भारत कला भवन संग्रहालय के भ्रमण के समय में एक बार फिर बदलाव किया गया है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान लागू किए गए अस्थायी समय को समाप्त करते हुए संग्रहालय प्रशासन ने संचालन अवधि को पूर्ववत कर दिया है। अब पर्यटक, शोधार्थी, विद्यार्थी और कला प्रेमी प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संग्रहालय का भ्रमण कर सकेंगे। मौसम में बदलाव और विश्वविद्यालय की नियमित गतिविधियां शुरू होने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए संग्रहालय का समय अस्थायी रूप से बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक कर दिया गया था। इसका उद्देश्य आगंतुकों को सुबह के अपेक्षाकृत ठंडे वातावरण में संग्रहालय देखने की सुविधा प्रदान करना था। अब मानसून के आगमन और मौसम में सुधार के साथ संग्रहालय का संचालन फिर से सामान्य समय के अनुसार किया जाएगा।
नए समय के लागू होने से न केवल आगंतुकों को संग्रहालय देखने के लिए अधिक समय मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों के कार्यकाल में भी आधे घंटे की बढ़ोतरी की गई है। इससे संग्रहालय की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही आगंतुक प्रदर्शित कलाकृतियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ संग्रहों का विस्तार से अवलोकन कर सकेंगे।
बीएचयू परिसर में स्थित भारत कला भवन देश के प्रतिष्ठित संग्रहालयों में शामिल है। भारतीय कला, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी अमूल्य धरोहरों का यह महत्वपूर्ण केंद्र देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। संग्रहालय में प्राचीन मूर्तियां, दुर्लभ पांडुलिपियां, लघु चित्र, पुरातात्विक अवशेष, प्राचीन सिक्के, वस्त्र, शिल्पकला और भारतीय सभ्यता से जुड़े अनेक दुर्लभ संग्रह सुरक्षित हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी, इतिहासकार, कला विशेषज्ञ और पर्यटक यहां अध्ययन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं।
संग्रहालय प्रशासन ने सभी आगंतुकों से अपील की है कि वे भ्रमण की योजना नए निर्धारित समय के अनुसार ही बनाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संग्रहालय में प्रवेश और भ्रमण की सुविधा केवल सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी आगंतुक को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नए समय से आगंतुकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और संग्रहालय की व्यवस्थाएं भी अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।