बीएचयू प्रशासन का बड़ा फैसला: गार्डों की ड्यूटी 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे, कर्मचारियों में खुशी
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गार्डों को बड़ी राहत देते हुए ड्यूटी अवधि में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी के हस्तक्षेप के बाद अब गार्डों की ड्यूटी समय सीमा घटाकर 8 घंटे कर दी गई है। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
अब तक प्रॉक्टोरियल बोर्ड में तैनात गार्डों को 12 घंटे या उससे अधिक समय तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती थी। लंबे समय तक खड़े रहकर काम करना और लगातार सतर्क बने रहना उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। यह व्यवस्था श्रम कानूनों की भावना के भी विपरीत मानी जा रही थी। गार्डों द्वारा काफी समय से ड्यूटी अवधि कम करने की मांग उठाई जा रही थी, जिस पर अब सकारात्मक निर्णय लिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ड्यूटी के घंटे कम होने से गार्डों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। थकान कम होने से वे अधिक सतर्क और सक्रिय रह सकेंगे, जिससे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। साथ ही, कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत अब गार्डों की ड्यूटी 8-8 घंटे की शिफ्ट में विभाजित की गई है। इसके लिए प्रशासन ने ड्यूटी रोस्टर में आवश्यक बदलाव किए हैं, ताकि सभी शिफ्ट सुचारु रूप से संचालित हो सकें और किसी भी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस निर्णय का गार्डों और कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। उन्होंने कुलपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक संवेदनशील और कर्मचारी हितैषी कदम बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे कार्य और जीवन के बीच संतुलन बेहतर बनेगा, जिससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के फैसले संस्थानों में बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। साथ ही, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण को प्राथमिकता देने की दिशा में यह एक सकारात्मक उदाहरण है।